झाड़ फूंक के चक्कर में सर्पदंश की शिकार किशोरी की मौत

समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण किशोरी की मौत हो गई.

राघोपुर. राघोपुर रेफरल अस्पताल में शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक 13 वर्षीय किशोरी को बेहोशी की हालत में लाया गया. परिजनों ने बताया कि घर में पोंछा लगाने के दौरान उसका पैर एक बिल में चला गया, जहां उसे सांप ने डंस लिया. घटना के बाद युवती शिवानी कुमारी को पहले झाड़-फूंक कराने के लिए लगभग एक घंटे तक गांव में ही रखा गया. जब उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उसे अस्पताल लाया गया. अस्पताल में मौजूद डॉ प्रदीप कुमार और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए युवती को बचाने का भरपूर प्रयास किया. इलाज के दौरान उसे 15 एंटीवेनम इंजेक्शन दिए गए. लेकिन हालत गंभीर बनी रहने पर शाम 4 बजे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया. डॉ प्रदीप कुमार ने बताया कि शिवानी की हालत अत्यंत गंभीर थी. इसलिए उसे तुरंत बड़े अस्पताल में रेफर किया गया था. लेकिन परिजन उसे वहां ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए. समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण किशोरी की मौत हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सही चिकित्सकीय मदद ली जाती और रेफर के बाद उसे हायर सेंटर ले जाया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: BASANT YADAV

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >