Supaul news: सुपौल सदर अस्पताल में प्रसव के बाद एक नवजात बच्ची की मौत के मामले में परिवार ने ड्यूटी पर तैनात नर्स पर रिश्वत मांगने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. सिविल सर्जन ने शिकायत मिलने के बाद जांच टीम गठित कर दी है और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है.
सुपौल. सुपौल सदर अस्पताल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है. प्रसव वार्ड में एक नवजात बच्ची की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल की एक नर्स पर रिश्वत मांगने, समय पर समुचित इलाज नहीं करने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा, जबकि परिजनों ने दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने जांच टीम गठित कर दी है. फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है.
प्रसव के लिए भर्ती, फिर इलाज पर उठे सवाल
लिखित शिकायत के अनुसार सुखपुर वार्ड संख्या-06 निवासी काजल कुमारी, पति राम विलास कुमार, को 3 अगस्त 2026 को नौ माह की गर्भावस्था में प्रसव के लिए सुपौल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद ड्यूटी पर मौजूद नर्स बार-बार दवा, इंजेक्शन और अन्य सामान बाहर से मंगवाती रही. परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार आवश्यक दवाइयां और सामान उपलब्ध कराया, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से छह हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई.
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे तत्काल रुपये की व्यवस्था नहीं कर सके. इसी बीच महिला ने एक जीवित बच्ची को जन्म दिया.
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद नर्स ने कहा कि नवजात को आईसीयू में भर्ती करना होगा और इसके लिए दस हजार रुपये तुरंत जमा करने होंगे. परिवार रुपये की व्यवस्था करने में जुटा ही था कि लगभग एक घंटे बाद उन्हें बच्ची की मौत की सूचना दे दी गई.
परिवार का दावा है कि जन्म के समय बच्ची स्वस्थ थी और अस्पताल की ओर से किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं दी गई. उनका यह भी आरोप है कि नवजात को बेहतर इलाज के लिए किसी उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर नहीं किया गया.
नर्स की पहचान को लेकर भी विवाद
परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने संबंधित नर्स का नाम जानना चाहा, तो अस्पताल कर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने उसकी पहचान बताने से इनकार कर दिया.
हालांकि शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित नर्स का फोटो उनके मोबाइल फोन में मौजूद है और वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं.
पुलिस पहुंची, फिर सिविल सर्जन को दिया आवेदन
घटना के बाद पीड़िता की ननद सरस्वती देवी ने डायल-112 पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की प्रारंभिक जानकारी लेने के बाद अस्पताल प्रबंधन को लिखित आवेदन देने की सलाह दी.
इसके बाद सरस्वती देवी ने सिविल सर्जन को आवेदन सौंपते हुए संबंधित नर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग की.
सिविल सर्जन ने गठित की जांच टीम
सिविल सर्जन डॉ बाबू साहब झा ने बताया कि मामले में लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि आरोप गंभीर हैं और उनकी जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
Supaul news: पहले भी विवादों में रहा है प्रसव वार्ड
सुपौल सदर अस्पताल का प्रसव वार्ड पहले भी विभिन्न शिकायतों और विवादों को लेकर चर्चा में रहा है. ऐसे में नवजात की मौत के बाद लगे ताजा आरोपों ने एक बार फिर अस्पताल की कार्यप्रणाली, प्रसव सेवाओं और मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल एक परिवार के साथ हुई कथित लापरवाही का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता का भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है.
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