सुपौल में राजस्व वसूली की समीक्षा: लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों को डीएम की फटकार

सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार ने आंतरिक संसाधन विभागों की समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली के धीमे प्रदर्शन पर नाराजगी जताई. उन्होंने जून 2026 तक के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं.

समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) में बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में आंतरिक संसाधन से जुड़े विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. जून 2026 तक की विभागीय उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्धारित लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई और राजस्व संग्रह में तेजी लाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए.

वार्षिक लक्ष्य 723 करोड़, अब तक 20 फीसदी से अधिक की हुई वसूली

बैठक में जिला राजस्व शाखा द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिले का कुल वार्षिक राजस्व लक्ष्य 72,301.84 लाख रुपये (करीब 723 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है. इसके विरुद्ध जून 2026 तक कुल 14,603.35 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है, जो जून माह के त्रैमासिक लक्ष्य (17,983.95 लाख रुपये) का 81.20 प्रतिशत और कुल वार्षिक लक्ष्य का 20.20 प्रतिशत है. इसमें से 10,578.21 लाख रुपये की राशि कोषागार (ट्रेजरी) और बैंक में सुरक्षित जमा कराई जा चुकी है.

विभागवार राजस्व संग्रह की स्थिति (जून 2026 तक):

बैठक में विभिन्न प्रमुख विभागों द्वारा किए गए राजस्व संग्रह का ब्योरा इस प्रकार रहा:

विभाग का नामराजस्व संग्रह का आंकड़ा (लाख रुपये में)
वाणिज्यकर विभाग (Commercial Tax)4,123.76 (जून माह में 1,068.93 लाख)
विद्युत विभाग (Electricity)3,331.44
निबंधन विभाग (Registration)2,892.85
उत्पाद विभाग (Excise)1,533.26
खनन विभाग (Mining)505.27

बड़े बकायेदारों पर होगी कानूनी कार्रवाई, नगर निकायों को भी निर्देश

जिलाधिकारी ने खनन विभाग और कुछ नगर निकायों के धीमे प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त किया. उन्होंने खनन विभाग को अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ सख्त छापेमारी कर जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए. नगर परिषद और नगर पंचायतों के अधिकारियों को होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस और जलकर जैसे स्थानीय करों की वसूली के लिए वार्ड स्तर पर विशेष अभियान चलाने को कहा गया. वहीं, बिजली विभाग को बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आवश्यकता पड़ने पर बिजली कनेक्शन काटने (विच्छेदन) की कार्रवाई करने की हिदायत दी गई.

"आंतरिक संसाधन से प्राप्त राजस्व ही जिले के विकास कार्यों की मजबूत नींव है. सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रतिदिन इसकी समीक्षा करें. बड़े बकायेदारों पर प्रमाणपत्र वाद (Certificate Case) दायर कर कानूनी कार्रवाई तेज की जाए. राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी. अगली बैठक में लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा." — सावन कुमार, जिलाधिकारी (DM), सुपौल

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला राजस्व शाखा, वाणिज्यकर, निबंधन, उत्पाद, खनन, वन, मत्स्य, माप-तौल विभाग के आला अधिकारियों सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे.


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लेखक के बारे में

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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