सुपौल: सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा बिजली हादसा हो गया. सिमराही नगर पंचायत के वार्ड नंबर 12 में एक मकान की पेंटिंग के दौरान दो मजदूर 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के प्रभाव में आकर गंभीर रूप से झुलस गए. हादसा इतना भयावह था कि दोनों को तुरंत रेफरल अस्पताल राघोपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि रिहायशी इलाकों में हाईटेंशन बिजली लाइनों के पास निर्माण और पेंटिंग जैसे कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार हाईटेंशन लाइन को सीधे छुए बिना भी उसके बेहद करीब पहुंचने पर आर्किंग (विद्युत प्रभाव) के कारण गंभीर हादसा हो सकता है.
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार सिमराही नगर पंचायत के वार्ड नंबर 12 में सरयू प्रसाद साह के मकान में पेंटिंग और पॉलिश का काम चल रहा था. इसी दौरान मजदूर लोहे की सीढ़ी हटाने का प्रयास कर रहे थे.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी दौरान सीढ़ी मकान के ऊपर से गुजर रही 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के अत्यधिक करीब पहुंच गई. इसके बाद तेज आवाज हुई और दोनों मजदूर बिजली के प्रभाव की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए.
दोनों मजदूरों की हालत गंभीर
हादसे में घायल मजदूरों की पहचान देवीपुर पंचायत के गम्हरिया वार्ड नंबर 1 निवासी 65 वर्षीय चंद्रदेव यादव और 30 वर्षीय मुकेश कुमार के रूप में हुई है.
चिकित्सकों के अनुसार चंद्रदेव यादव के दोनों पैर गंभीर रूप से झुलस गए हैं. वहीं मुकेश कुमार के दोनों हाथ, पेट के दाहिने हिस्से और दाहिने पैर में गंभीर जलन और चोटें आई हैं.
घायल चंद्रदेव यादव ने बताया कि वे मकान में पेंटिंग का कार्य कर रहे थे. लोहे की सीढ़ी हटाने के दौरान वे अनजाने में हाईटेंशन लाइन के बेहद करीब पहुंच गए, जिसके बाद यह हादसा हो गया.
तेज आवाज सुनकर बाहर दौड़े साथी मजदूर
घटना के समय मकान के अंदर काम कर रहे मजदूर रुपेश शर्मा ने बताया कि वह पेंटिंग और पॉलिश का काम कर रहे थे. अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी. बाहर निकलकर देखा तो दोनों साथी मजदूर गंभीर रूप से झुलसे पड़े थे. इसके बाद स्थानीय लोगों और मकान मालिक की मदद से दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया.
डॉक्टर ने किया हायर सेंटर रेफर
रेफरल अस्पताल राघोपुर के चिकित्सक डॉ. विपीन कुमार तिवारी ने बताया कि दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया. लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए सुपौल सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.
Supaul News: बिजली विभाग ने क्या कहा?
राघोपुर विद्युत विभाग के कनीय अभियंता कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि संबंधित पेंटिंग कार्य की सूचना विभाग को पहले नहीं दी गई थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मजदूरों ने सीधे बिजली के तार को नहीं छुआ था. वे हाईटेंशन लाइन के अत्यधिक नजदीक पहुंच गए थे, जिसके कारण विद्युत प्रभाव से हादसा हुआ.
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि हाईटेंशन लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण, मरम्मत या पेंटिंग कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन करें और आवश्यकता होने पर बिजली विभाग को सूचना दें.
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बिजली लाइनों के आसपास थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. विशेषकर बरसात और निर्माण कार्य के मौसम में सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.
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