Supaul Protest: सुपौल में भूमिहीन परिवारों को जमीन का पर्चा, महिलाओं को घोषित सहायता राशि का भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी और बदहाल ग्रामीण सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर बुधवार को सुपौल में विरोध प्रदर्शन किया गया. युवा कांग्रेस के बिहार प्रदेश सचिव लक्ष्मण कुमार झा ने सुपौल समाहरणालय स्थित कलेक्ट्रेट गेट के सामने एक दिवसीय प्रदर्शन कर राज्य सरकार और प्रशासन से जनहित से जुड़ी चारों मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान लक्ष्मण कुमार झा ने कहा कि इन मांगों का संबंध सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जरूरतों से है. उन्होंने सरकार और सरकारी तंत्र में बैठे अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
समय रहते मांगें नहीं मानीं तो बड़ा आंदोलन
लक्ष्मण झा ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तारी हो या मुकदमा दर्ज हो, जनता की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े आंदोलन की जिम्मेदारी राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों-पदाधिकारियों की होने की बात कही.
भूमिहीन परिवारों को जमीन का पर्चा देने की मांग
प्रदर्शन में पहली प्रमुख मांग भूमिहीन और बेघर परिवारों को सरकारी जमीन का पर्चा उपलब्ध कराने की रखी गई. लक्ष्मण झा ने कहा कि सदर प्रखंड की एकमा पंचायत सहित जिले की सभी पंचायतों में पात्र भूमिहीन परिवारों को जल्द पर्चा दिया जाना चाहिए.
उन्होंने पूर्व में पर्चा वितरण से वंचित रह गये परिवारों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की. उनका कहना है कि जिन परिवारों को सरकारी जमीन का लाभ मिलना चाहिए, उन्हें प्रक्रिया के तहत उनका अधिकार मिलना जरूरी है.
महिलाओं की सहायता राशि और पेंशन बढ़ाने की मांग
दूसरी मांग महिलाओं को रोजगार के लिए घोषित दो लाख रुपये तक की सहायता राशि का पात्र लाभुकों को जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सहायता राशि मिलने से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ने में मदद मिल सकती है.
तीसरी मांग वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ाकर 3,000 से 4,000 रुपये प्रतिमाह करने की है. लक्ष्मण झा ने कहा कि महंगाई को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में बढ़ोतरी जरूरी है. बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए पेंशन नियमित आय का महत्वपूर्ण सहारा है.
जर्जर और जलजमाव वाली सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग
चौथी मांग जिले की विभिन्न पंचायतों में जर्जर और जलजमाव वाली सड़कों के पुनर्निर्माण की है. इसके साथ ही जहां जरूरत है, वहां नाला युक्त सड़क निर्माण कराने की मांग की गई.
लक्ष्मण झा ने कहा कि बरूआरी, परसरमा-परसौनी, गोठ बरूआरी, बलहा, बेरो और एकमा सहित कई पंचायतों में ग्रामीण सड़कें बदहाल हैं. बारिश और जलजमाव के दौरान इन सड़कों की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीण सड़कों की स्थिति का सीधा असर लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर पड़ता है. सड़क खराब होने से ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंच भी प्रभावित होती है. ऐसे में प्रदर्शन के जरिए इन समस्याओं के समाधान की मांग प्रशासन के सामने रखी गई.
Supaul Protest: ये मांगें किसी एक व्यक्ति की नहीं
लक्ष्मण कुमार झा ने कहा कि आंदोलन में उठायी गई मांगें व्यक्तिगत नहीं हैं. ये भूमिहीन परिवारों, महिलाओं, बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और ग्रामीण आबादी के हित से जुड़ी हुई हैं.
उन्होंने सरकार से समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की. साथ ही कहा कि यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आने वाले दिनों में और व्यापक रूप दिया जाएगा. अब देखना होगा कि प्रशासन और राज्य सरकार इन चारों मांगों पर क्या कदम उठाती है.
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