सुपौल में टीबी मुक्त भारत अभियान की शुरुआत, एक भी मरीज नहीं मिला संक्रमित

Supaul News: सुपौल के वीरपुर और बसंतपुर में टीबी मुक्त भारत अभियान के पहले दिन 580 लोगों की स्क्रीनिंग हुई. सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही. 31 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान.

वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट

Supaul News: सुपौल टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सुपौल जिले के वीरपुर अनुमंडल और बसंतपुर प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है. अभियान के पहले ही दिन 580 लोगों की जांच की गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि जांच में एक भी व्यक्ति टीबी से संक्रमित नहीं पाया गया.

यह अभियान पूरे जुलाई महीने तक चलेगा. स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों की समय रहते जांच कर टीबी की पहचान करना और मरीजों का इलाज शुरू करना है, ताकि बीमारी के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके.

31 जुलाई तक चलेगा विशेष स्क्रीनिंग अभियान

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर शनिवार से पूरे बिहार में टीबी मुक्त भारत अभियान की शुरुआत हुई. यह विशेष अभियान 31 जुलाई तक जारी रहेगा.

इससे पहले शुक्रवार को सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया गया था.

पटना: बीएसएससी अभ्यर्थियों ने लंबित परीक्षाओं की तिथि जारी करने की मांग को लेकर आयोग कार्यालय में प्रदर्शन किया. 10-15 दिन में तारीख नहीं आने पर महाआंदोलन की चेतावनी दी.

Supaul News: सुपौल वीरपुर अनुमंडल अस्पताल में सबसे ज्यादा हुई जांच

अभियान के पहले दिन सबसे अधिक स्क्रीनिंग वीरपुर अनुमंडल अस्पताल में की गई. यहां ओपीडी में पहुंचे 236 मरीजों में से 200 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई.

इसके अलावा भीमनगर स्थित बसंतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 22 लोगों की जांच की गई. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले दिन विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 580 लोगों की स्क्रीनिंग की गई और सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही.

20 हजार से अधिक लोगों की जांच का लक्ष्य

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बसंतपुर प्रखंड की लगभग 2,49,535 आबादी के आधार पर 20,178 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य तय किया गया है. इस लक्ष्य को 31 जुलाई तक पूरा करने की योजना बनाई गई है.

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच से टीबी के मरीजों की पहचान आसान होती है और इलाज शुरू होने से संक्रमण के फैलाव को भी रोका जा सकता है.

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टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य क्या है

टीबी मुक्त भारत अभियान की शुरुआत सितंबर 2022 में की गई थी. इसका उद्देश्य देशभर में टीबी की समय पर पहचान, बेहतर इलाज और जागरूकता बढ़ाकर बीमारी को नियंत्रित करना है.

स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना या अन्य टीबी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं.

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Published by: Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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