सुपौल में भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 1.44 लाख रुपये के साथ एक व्यक्ति पकड़ा गया

Supaul News: सुपौल में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है. उसके बैग से 1.44 लाख रुपये से अधिक की भारतीय मुद्रा बरामद हुई, लेकिन वह रकम से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका.

कुनौली, सुपौल से मनीष कुमार सिंह.

Supaul News: भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को बड़ी सफलता मिली है. सीमा चौकी कुनौली क्षेत्र में विशेष जांच अभियान के दौरान एसएसबी ने एक व्यक्ति के पास से 1.44 लाख रुपये से अधिक की भारतीय मुद्रा बरामद की है. बरामद राशि के संबंध में संतोषजनक जवाब और वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर एसएसबी ने रकम को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को सौंप दिया.

सीमा चौकी पर चल रहा था विशेष जांच अभियान

45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि सीमा सुरक्षा और तस्करी निरोधक अभियान के तहत सीमा चौकी कुनौली के जवान चेक पोस्ट संख्या-02 और सीमा स्तंभ संख्या-223 के पास विशेष जांच अभियान चला रहे थे. इसी दौरान नेपाल से भारत की ओर पैदल आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली गई.

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पूछताछ में सामने आई पश्चिम बंगाल के निवासी की पहचान

पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अपनी पहचान इनामुल मियां के रूप में बताई. वह पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के ब्रह्मत्तर छत्रा गांव का निवासी है. एसएसबी जवानों ने जब उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें 1,44,600 रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद हुई.

नहीं दिखा सका कोई वैध दस्तावेज

पूछताछ के दौरान इनामुल मियां ने बताया कि वह यह राशि नेपाल से भारत ला रहा था. हालांकि, जब एसएसबी ने उससे धनराशि से संबंधित वैध दस्तावेज या अन्य प्रमाण मांगे तो वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका. इसके बाद एसएसबी ने नियमानुसार पूरी राशि जब्त कर ली.

कस्टम विभाग को सौंपी गई जब्त राशि

एसएसबी ने बरामद धनराशि को विधिवत जब्त करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थल सीमा शुल्क कार्यालय, कुनौली को सौंप दिया है. मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद राशि का स्रोत क्या था.

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Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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