सुपौल से विकास कुमार की रिपोर्ट.
Supaul News: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सुपौल जिले के हजारों गरीब परिवारों को जल्द ही मुफ्त सौर ऊर्जा की सुविधा मिलने वाली है. बिहार सरकार ने कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बड़े स्तर पर सोलर ऊर्जा परियोजना शुरू की है. इसके तहत जिले के 7,154 गरीब परिवारों के घरों की छतों पर निःशुल्क सोलर प्लांट लगाए जाएंगे.
मुख्यमंत्री द्वारा पटना स्थित विद्युत भवन से 1,512 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कई अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया गया.
बिजली बिल से मिलेगी राहत
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों के बिजली खर्च को कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है. योजना के तहत चयनित लाभार्थियों के घरों की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा.
सोलर संयंत्र से हर महीने लगभग 125 यूनिट बिजली का उत्पादन होने का अनुमान है. इससे परिवारों की बिजली जरूरतें पूरी होंगी और मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी.
55 पंचायतों के परिवारों का हुआ चयन
योजना के पहले चरण में जिले के सभी 11 प्रखंडों की 55 पंचायतों से कुल 7,154 बीपीएल परिवारों का चयन किया गया है. लाभार्थियों की पहचान के लिए जीविका दीदियों की सहायता से सर्वे कराया गया और चयनित परिवारों से सहमति पत्र भी प्राप्त कर लिए गए हैं.
जिले में इस योजना की शुरुआत किशनपुर प्रखंड के राजपुर पंचायत से की गई है. प्रशासन का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से सभी चयनित परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना है.
लाभार्थियों को नहीं देना होगा कोई पैसा
प्रत्येक सोलर संयंत्र की अनुमानित लागत करीब 60 हजार रुपये है. इसमें केंद्र सरकार 33 हजार रुपये और बिहार सरकार 10 हजार रुपये का अनुदान देगी. शेष राशि चयनित एजेंसी द्वारा वहन की जाएगी. लाभार्थियों को इसके लिए किसी प्रकार का भुगतान नहीं करना होगा.
योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ओसवाल पंप्स कंपनी को सौंपी गई है. कंपनी सोलर पैनलों की स्थापना के साथ-साथ अगले 10 वर्षों तक उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी.
हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना गरीब परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी. सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.
जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन और ऊर्जा विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक इसका लाभ पहुंच सके.
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