न्याय अब होगा आसान, परसा में लोगों को मिली कानूनी अधिकारों और मुफ्त सहायता की जानकारी

Supaul News: मुफ्त विधिक सहायता से लेकर न्याय तक आसान पहुंच की दी जानकारी, ग्रामीणों को अधिकारों के प्रति किया जागरूक

सुपौल से रौशन सिंह की रिपोर्ट

Supaul News: बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मो. अफजल आलम के मार्गदर्शन में परसा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, न्याय तक पहुंच और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देना था.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता शक्ति कुमारी शारिका ने कहा कि “घर-घर में न्याय की जागृति” एक राष्ट्रव्यापी जमीनी स्तर का अभियान है, जिसका उद्देश्य कानूनी जागरूकता को संस्थागत स्वरूप प्रदान कर एक जागरूक और सशक्त नागरिक समाज का निर्माण करना है. उन्होंने बताया कि यह अभियान स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, ताकि आम नागरिक अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें.

न्याय की जानकारी पहुंचे हर घर तक

शक्ति कुमारी शारिका ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों और समाज के कमजोर वर्गों तक कानूनी शिक्षा और सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है. इसके तहत प्रत्येक माह स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे लोगों को कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकें.

उन्होंने बताया कि कानूनी जानकारी के अभाव में कई लोग अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में यह अभियान लोगों को जागरूक बनाकर न्याय व्यवस्था से जोड़ने का कार्य कर रहा है.

मुफ्त विधिक सहायता का उठा सकते हैं लाभ

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के अन्याय, शोषण, घरेलू हिंसा, भूमि विवाद, सामाजिक भेदभाव या अन्य कानूनी समस्याओं की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) की भावना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे.

अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील

कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की गई. वक्ताओं ने कहा कि कानूनी जानकारी और जागरूकता समाज को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है.

इस अवसर पर मो. मोअज्जम, मिथलेश कुमार चौधरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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