Supaul News : सुपौल जिले के बीना पंचायत में गुरुवार की सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे गांव को गम में डुबो दिया. धान की फसल की सिंचाई करने खेत गए 38 वर्षीय किसान प्रदीप कुमार की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई. इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रदीप अपने पीछे पत्नी, दो छोटे बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं. गांव में हर ओर यही चर्चा है कि मेहनत-मजदूरी और खेती से परिवार चलाने वाला व्यक्ति अब नहीं रहा.
खेत में मोटर चलाते समय हुआ हादसा
यह घटना सदर प्रखंड क्षेत्र के बीना पंचायत के वार्ड संख्या-12 की है. मृतक की पहचान जयप्रकाश झा के पुत्र प्रदीप कुमार (38) के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार वह गुरुवार सुबह धान की फसल की पटवन करने खेत गए थे. खेत में मोटर चलाकर सिंचाई के दौरान वह अचानक बिजली के नंगे तार की चपेट में आ गए.
तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और वहीं गिर पड़े. आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर दौड़ लगाई और किसी तरह उन्हें करंट से अलग किया.
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
ग्रामीणों और परिजनों ने आनन-फानन में प्रदीप कुमार को इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी.
मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. गांव से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने लगे.
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
ग्रामीणों ने बताया कि प्रदीप कुमार मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे. खेती-किसानी ही उनके परिवार की मुख्य आजीविका थी. उनकी असामयिक मौत से परिवार पर गहरा आर्थिक और भावनात्मक संकट आ गया है.
प्रदीप अपने पीछे पत्नी, दो मासूम बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं. गांव के लोगों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर परिवार गहरी चिंता में है.
पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया.
बिजली व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि खेतों और ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर नंगे और जर्जर बिजली तार लंबे समय से लटके हुए हैं, लेकिन उनकी मरम्मत समय पर नहीं की जाती.
ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग तत्काल ऐसे खतरनाक तारों की मरम्मत कराए और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
Supaul News: गांव में पसरा मातम
बीना पंचायत के वार्ड संख्या-12 में इस घटना के बाद शोक का माहौल है. ग्रामीणों के अनुसार प्रदीप कुमार हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहते थे और गांव में उनकी अच्छी पहचान थी. अचानक हुई इस मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. लोगों का कहना है कि एक छोटी सी लापरवाही ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया.
