इस अभियान के तहत शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर दोपहिया, चारपहिया एवं अन्य वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही है. नियमों का मखौल उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत भारी जुर्माना वसूलने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी की गई है. पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान अब नियमित रूप से जारी रहेगा.
इन प्रमुख चौराहों पर पुलिस की नाकेबंदी, हर गाड़ी की हो रही तलाशी
वाहन चालकों की मनमानी और लापरवाही पर नकेल कसने के लिए पुलिस बल ने शहर के व्यस्ततम इलाकों को अपने घेरे में ले लिया है. अभियान के तहत डिग्री कॉलेज चौक, लोहिया नगर चौक, गौरवगढ़ चौक एवं समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) गेट सहित शहर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर पुलिस पदाधिकारियों के साथ भारी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है. यहां से गुजरने वाले हर संदिग्ध और नियम तोड़ने वाले वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है.
ट्रिपल लोडिंग से लेकर ड्रंकन ड्राइविंग करने वालों पर रहेगी विशेष नजर
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस ने कई तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रडार पर लिया है. जांच के दौरान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने (माइनर ड्राइविंग), तेज रफ्तार (ओवर स्पीडिंग), बाइक पर ट्रिपल लोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रंकन ड्राइविंग) तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस व गाड़ी के जरूरी कागजात के बिना चलने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है.
चालान काटना मकसद नहीं, लोगों की जिंदगी बचाना प्राथमिकता: डीएसपी
सड़क सुरक्षा के इस महाअभियान और इसके पीछे के मुख्य उद्देश्य को लेकर पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी ने आम जनता से सहयोग की अपील की है.
"सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित व सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान शुरू किया गया है. पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटना या राजस्व वसूलना नहीं, बल्कि लोगों के अनमोल जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. सभी नागरिक वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और आवश्यक दस्तावेज हमेशा साथ रखें." — राजीव रंजन, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP), सुपौल
