सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के लिए 24 घंटे के आंतरिक हैकाथॉन का आयोजन किया गया. विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के अधीन संचालित महाविद्यालय में प्रतियोगिता का आयोजन इन्स्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल, टेक्निकल क्लब और स्टार्टअप सेल के संयुक्त तत्वावधान में हुआ. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के लिए उत्कृष्ट टीमों का चयन करना था.
12 टीमों ने प्रस्तुत किए तकनीकी समाधान
आंतरिक प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 12 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विद्यार्थियों ने रक्षा, साइबर सुरक्षा, कृषि, पर्यावरण, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी राष्ट्रीय एवं स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए.
एआई और साइबर सुरक्षा पर भी दिखी प्रतिभा
प्रतिभागियों ने एआई आधारित ईमेल थ्रेट डिटेक्शन एवं फॉरेंसिक इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज क्रिप्टोग्राफिक डिस्कवरी एंड एनालिसिस टूल जैसे प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए. इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन के लिए एआई आधारित अर्बन इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, कम लागत वाले मिल्क चिलिंग केन तथा किसानों के लिए बाजार जुड़ाव और मूल्य खोज प्लेटफॉर्म भी प्रस्तुत किए गए.
ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर भी नवाचार
विद्यार्थियों ने ग्रामीण और खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्मार्ट जल शोधन प्रणाली, आपदा प्रबंधन, स्मार्ट शिक्षा और कोऑपरेटिव गिग सर्विसेज प्लेटफॉर्म जैसे विषयों पर भी अपने नवाचार और प्रेजेंटेशन दिए. इन प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान तलाशने का प्रयास किया.
तीन चरणों में हुआ टीमों का मूल्यांकन
विशेषज्ञ जूरी ने तीन चरणों में सभी टीमों का मूल्यांकन किया. इसमें विचारों की नवीनता, तकनीकी जटिलता, व्यावहारिकता और उपयोगिता को प्रमुख आधार बनाया गया. मूल्यांकन के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों का चयन किया गया.
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए होगा चयन
कार्यक्रम समन्वयक डॉ चन्दन कुमार, डीन एकेडमिक्स एवं स्पोक ने बताया कि आंतरिक हैकाथॉन से चयनित उत्कृष्ट टीमों को राष्ट्रीय स्तर की स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन प्रतियोगिता के लिए नामांकित किया जाएगा.
शीर्ष तीन टीमों को किया गया सम्मानित
समापन समारोह में प्राचार्य डॉ अच्युता नंद मिश्रा ने प्रतिभागियों के प्रयास और रचनात्मक सोच की सराहना की. प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली शीर्ष तीन टीमों को सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए.
छात्र समन्वयकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में छात्र समन्वयक यश राज, जोसेफ, सूरज सहित अन्य छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. मौके पर सहायक प्राध्यापक एवं जूरी सदस्य गोपाल कृष्णा, डॉ अज़मत राजा, डॉ चंद्रशेखर कुमार, गौरव कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
