छातापुर. युवा समाजसेवी सुभाष कुमार यादव ने जिलाधिकारी को तीन सूत्री मांग पत्र समर्पित किया है. मांग पत्र में बताया गया है कि सालाना लाखों का राजस्व देने वाला छातापुर बस पड़ाव आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. 90 के दशक से अनाधिकृत स्थल पर यह बस पड़ाव संचालित है. इस बस पड़ाव से कई राज्यों के अलावे आस पास के जिलों के लिए रोजाना दर्जनों बसों का परिचालन होता है. परंतु यात्रियों के लिए यहां पर मुलभूत कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं है. बताया है कि बाजार से उत्तर जिला परिषद की पर्याप्त जमीन उपलब्ध है. बावजूद इसके बस पड़ाव को वहां शिफ्ट नहीं किया जा रहा है. जिला परिषद द्वारा उक्त जमीन को टैक्सी स्टैंड के तौर पर अधिकृत कर बस पड़ाव का डाक किया जा रहा है. वर्तमान स्थल पर पर्याप्त जगह नहीं रहने के कारण अधिकांश बसे हाइवे पर ही खड़ी कर यात्री उतारे चढ़ाये जाते हैं. परिणामस्वरूप हाइवे पर जाम की समस्या हर समय बनी रहती है. बताया है कि गर्मी का सीजन आ गया है. परंतु दमकल की कमी को अब तक दूर नहीं किया गया है. 23 पंचायत वाले छातापुर प्रखंड में बड़ी आबादी निवास करती है. परंतु एक भी बड़ा दमकल यहां उपलब्ध नहीं है. अगलगी की घटना होने पर भीमपुर से छोटा दमकल या त्रिवेणीगंज से बड़ा दमकल मंगाया तो जाता है. परंतु दमकल के आते आते बहुत देर हो जाती है, वहीं बताया है कि सीएचसी छातापुर में डिजिटल एक्सरे मशीन उपलब्ध नहीं है. मैनुअल एक्सरे मशीन है भी तो पर्याप्त विद्युत शक्ति का अभाव बताकर मरीज को बाजार भेज दिया जाता है.
समस्या को लेकर समाजसेवी ने डीएम को सौंपा मांग पत्र
वर्तमान स्थल पर पर्याप्त जगह नहीं रहने के कारण अधिकांश बसे हाइवे पर ही खड़ी कर यात्री उतारे चढ़ाये जाते हैं
