राघोपुर (सुपौल) से आशुतोष झा की रिपोर्ट:
अस्पतालों और दवा दुकानों के सामने बह रहा नाला, मरीज परेशान
प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बनी यह सड़क सिमराही के वार्ड संख्या 3 और 7 के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण बायपास मार्ग है. यह सड़क नेशनल हाईवे (NH) के उत्तरी भाग को जोड़ती है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों और वाहनों का आवागमन होता है. दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि महज 400 फीट लंबी इस सड़क के दोनों किनारे चार पैथोलॉजी लैब, दो निजी क्लिनिक, एक वरीय चिकित्सक का क्लिनिक, एक दंत चिकित्सालय, एक चश्माघर और कई दवा दुकानें संचालित हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद सड़क पर घुटने भर पानी और बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण यहाँ आने वाले गंभीर मरीजों, तीमारदारों और राहगीरों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है.
महीने भर की बारिश ने बिगाड़ी सूरत, संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के मुताबिक, पिछले करीब एक महीने से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने सड़क की स्थिति को पूरी तरह भयावह बना दिया है. सड़क पर पानी भरे गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं. सबसे बड़ी चिंता आने वाले मॉनसून सीजन को लेकर है. सड़क पर हफ़्तों से जमा गंदे पानी के कारण स्थानीय लोगों में जलजनित और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खौफ सताने लगा है. जलजमाव की वजह से इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मलेरिया और कालाजार जैसी घातक बीमारियों की आशंका गहरा गई है.
पाइप या कलभर्ट बनाकर जलनिकासी शुरू करने की मांग
सड़क की इस दुर्दशा से नाराज लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी. व्यवसायियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सिमराही-बेरदह रोड में अभिलंब बड़े पाइप अथवा कलभर्ट (पुलिया) का निर्माण कराकर स्थाई रूप से जलनिकासी सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही जर्जर हो चुकी सड़क का नए सिरे से निर्माण और मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इस नारकीय व्यवस्था से हमेशा के लिए निजात मिल सके.
