वरीय सहकारिता प्रसार पदाधिकारी निलंबित

प्रतिवेदन नहीं देने और आदेश की अवहेलना का आरोप

– कई गंभीर आरोपों के बाद निबंधक कार्यालय का बड़ा आदेश – विभागीय नियमों के उल्लंघन का मामला सुपौल. सहकारिता विभाग, बिहार ने सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड में पदस्थापित वरीय सहकारिता प्रसार पदाधिकारी प्रदीप कुमार को गंभीर आरोपों के आधार पर निलंबित कर दिया है. यह आदेश कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना द्वारा जारी किया गया है. जिला सहकारिता पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधक, सहयोग समितियां, सुपौल द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में प्रदीप कुमार पर कई गंभीर अनियमितताओं और विभागीय निर्देशों की अवहेलना के आरोप लगाए गए थे. इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. रिपोर्ट के अनुसार छातापुर प्रखंड के राजेश्वरी पश्चिम पैक्स और धीबहा पैक्स में अध्यक्ष और प्रबंधक के बीच पारिवारिक संबंध होने के बावजूद इसकी सही जानकारी नहीं दी गई. आरोप है कि जानबूझकर दोनों के पति/पिता का एक ही नाम दर्ज कर भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराई गई, जो आदर्श पैक्स कार्मिक सेवा नियमावली के उल्लंघन से जुड़ा मामला है. धान खरीद में अनियमितता की आशंका जिला सहकारिता पदाधिकारी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि धान खरीद से पहले किसानों के निबंधन और कृषि विभाग के पोर्टल पर अपलोड भूमि दस्तावेजों जैसे भूमि कागजात, अद्यतन लगान रसीद और घोषणा-पत्र का शत-प्रतिशत मिलान नहीं किया गया. इससे धान खरीद प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता की संभावना जताई गई है. मामले में यह भी सामने आया कि चरणे पैक्स में 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले निर्माणाधीन गोदाम का भौतिक सत्यापन सही तरीके से नहीं किया गया. जांच रिपोर्ट में गोदाम की वास्तविक स्थिति से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए. आरोप है कि निर्धारित एक वर्ष की अवधि में गोदाम निर्माण पूरा नहीं कराया गया और जांच में संभावित वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल भी नहीं की गई. बताया गया कि प्रदीप कुमार की अनुशंसा पर 17 अगस्त 2023 को गोदाम निर्माण के लिए तीसरी किस्त के रूप में 8.42 लाख रुपये जारी किए गए थे. प्रतिवेदन नहीं देने और आदेश की अवहेलना का आरोप रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि राइस मिल पर प्रतिनियुक्ति से संबंधित चावल कुटाई का प्रतिवेदन समय पर जमा नहीं कराया गया. साथ ही इस संबंध में मांगे गए स्पष्टीकरण का जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया गया. इसे विभागीय आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति लापरवाही माना गया है. मगध प्रमंडल, गया में रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान प्रदीप कुमार का मुख्यालय संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, मगध प्रमंडल, गया का कार्यालय निर्धारित किया गया है. इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. विभाग के अनुसार यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1978 के नियम 03(01) के उल्लंघन के आधार पर की गई है और आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

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