Supaul News: बिहार के सुपौल जिले अंतर्गत मरौना स्थित उच्च विद्यालय के मुख्य परिसर से एक हैरान और शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में जहां स्कूलों से बच्चों की प्रतिभा की खबरें आनी चाहिए, वहीं मरौना हाई स्कूल के छात्रों के बीच सरेआम हुई हिंसक झड़प का एक खौफनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. स्कूली ड्रेस पहने कुछ छात्र जिस तरह से एक-दूसरे पर टूट पड़े और बेल्ट से अपने ही साथी की बेरहमी से पिटाई करने लगे, उसने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और नैतिक शिक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बेल्ट से पिटाई का खौफनाक नजारा, तमाशबीन बने रहे साथी छात्र
सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे इस वायरल वीडियो की तारीख सोमवार बताई जा रही है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूली यूनिफॉर्म पहने कुछ छात्र अचानक आपस में उलझ जाते हैं. बहस से शुरू हुई बात देखते ही देखते मारपीट में तब्दील हो जाती है. विवाद इतना बढ़ जाता है कि एक छात्र अपनी कमर से बेल्ट निकालकर दूसरे छात्र पर ताबड़तोड़ हमला कर देता है. इस दौरान आसपास दर्जनों अन्य छात्र मौजूद नजर आते हैं, लेकिन बीच-बचाव करने के बजाय ज्यादातर छात्र मूकदर्शक और तमाशबीन बने इस पूरी घटना को देखते रहते हैं.
प्रधानाध्यापक ने बुलाई डायल-112 पुलिस, थाने में दोनों पक्षों का हुआ समझौता
स्कूल परिसर और आसपास हुई इस हिंसक घटना से अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च विद्यालय मरौना के प्रधानाध्यापक देव नारायण मेहता ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया कि जैसे ही छात्रों के बीच मारपीट की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को फोन कर मौके पर बुलाया. हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के अभिभावक और छात्र थाने पहुंचे. मरौना थानाध्यक्ष रेमन भास्कर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पक्ष थाने आए थे, लेकिन बाद में आपस में बातचीत कर आपसी रजामंदी से समझौता कर लिया और लिखित सहमति के बाद वापस लौट गए.
Supaul News: प्रभारी शिक्षा अधिकारी बेखबर, जांच के आदेश के बीच उठ रहे सुरक्षा पर सवाल
एक तरफ जहां पुलिस और स्कूल प्रशासन तक मामला पहुंच गया, वहीं दूसरी तरफ मरौना प्रखंड के प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने इस पूरी घटना से अनभिज्ञता जताई. जब उनसे इस वायरल वीडियो के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की शुरुआती जानकारी नहीं मिली थी, लेकिन अब पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. बहरहाल, भले ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया हो, लेकिन इस घटना ने विद्यालय में छात्रों की सुरक्षा, अनुशासन और पुलिस-प्रशासनिक मुस्तैदी पर गहरे सवाल दाग दिए हैं.
