सुपौल के सदर अस्पताल में आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है. अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में पहली बार अत्याधुनिक 'इमेज-बेस्ड सर्जरी' (Image-Based Surgery) तकनीक का उपयोग करते हुए एक 16 वर्षीय किशोर के पैर के गंभीर 'शाफ्ट टिबिया फ्रैक्चर' का सफल ऑपरेशन किया गया. स्थानीय स्तर पर बिना बड़े शहरों में रेफर किए इस आधुनिक तकनीक से की गई सफल सर्जरी को कोसी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ी क्रांति माना जा रहा है.
ऑर्थोपेडिक OPD से ऑपरेशन थिएटर तक: 2 घंटे चला जटिल ऑपरेशन
सदर अस्पताल में माखनपट्टी निवासी 16 वर्षीय आशीष कुमार पैर में गंभीर चोट और असहनीय दर्द के साथ ऑर्थोपेडिक ओपीडी पहुंचे थे:
- फ्रैक्चर का मूल्यांकन: ओपीडी में गहन जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. बीएन भारती ने इमेज-बेस्ड सर्जरी करने का निर्णय लिया.
- सटीक तालमेल से सफलता: डॉ. बीएन भारती के नेतृत्व में आवश्यक तैयारियां पूरी कर सर्जरी शुरू की गई, जो करीब 2 घंटे तक चली. ओटी स्टाफ, एनेस्थीसिया टीम और पैरामेडिकल छात्रों के बेहतरीन समन्वय से ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा.
क्या है 'इमेज-बेस्ड सर्जरी' और क्यों है यह खास?
इस आधुनिक सर्जिकल प्रक्रिया से मरीजों को जटिल चीर-फाड़ से राहत मिलती है:
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: ऑपरेशन के दौरान आधुनिक इमेजिंग तकनीक के जरिए फ्रैक्चर वाली हड्डी की स्थिति, कोण और उसके प्राकृतिक एलाइनमेंट (Alignment) को स्क्रीन पर लगातार लाइव देखा गया.
- सटीकता और तेजी से रिकवरी: इस तकनीक की मदद से हड्डी को सटीक जगह पर सेट करने में मदद मिली, जिससे मरीज के पैर की प्राकृतिक बनावट सुरक्षित रही और भविष्य में उसके तेजी से ठीक होने की संभावना बढ़ गई.
- निगरानी में मरीज: सफल ऑपरेशन के बाद किशोर को पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर व खतरे से बाहर है.
सिविल सर्जन और प्रबंधन ने की डॉक्टरों की सराहना
सदर अस्पताल में इस आधुनिक तकनीक के सफल उपयोग पर स्वास्थ्य महकमे ने खुशी जताई है:
- सिविल सर्जन का बयान: सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने डॉ. बीएन भारती, ओटी कर्मियों और पैरामेडिकल छात्रों की टीम भावना की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आम जनता को गुणवत्तापूर्ण इलाज देना अस्पताल की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
- अस्पताल प्रबंधन की भूमिका: अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद के प्रशासनिक सहयोग से अस्पताल में लगातार बढ़ रही आधुनिक सुविधाओं की भी प्रशंसा की गई.
सदर अस्पताल में इमेज-बेस्ड ऑर्थोपेडिक सर्जरी की शुरुआत से अब सुपौल और आसपास के गरीब मरीजों को गंभीर फ्रैक्चर के इलाज के लिए पटना या दरभंगा जैसे बड़े शहरों के महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
