– 15 जून से 15 अक्टूबर तक रहेगा हाई अलर्ट – तटबंध के भीतर बसे गांवों के लिए नाव और राहत की तैयारी प्रखंड क्षेत्र के ढ़ोली पंचायत स्थित सामुदायिक भवन गौरीपट्टी एवं पंचायत भवन भपटियाही में रविवार को बाढ़ अनुश्रवण सह निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई. ढ़ोली पंचायत में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मुखिया सरस्वती देवी ने की, जबकि भपटियाही पंचायत में मुखिया विजय कुमार यादव की मौजूदगी में बैठक संपन्न हुई. बैठक में अंचल अधिकारी धीरज कुमार ने बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कोशी नदी से प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बाढ़ से पहले सभी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की जा रही है. बैठक में बाढ़ के दौरान जान-माल की सुरक्षा, नावों की पर्याप्त व्यवस्था, प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करना तथा छुटे हुए जीआर लाभुकों को चिन्हित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. सीओ धीरज कुमार ने कहा कि कोशी पूर्वी तटबंध के भीतर बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.बाढ़ के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की तैयारी भी की जा रही है. उन्होंने बताया कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से 15 जून से 15 अक्टूबर तक की अवधि को बाढ़ काल माना जाता है.इस दौरान प्रशासन लगातार निगरानी रखेगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगा. बैठक में लोगों से अपील की गई कि बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपदा की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें. इस मौके पर भपटियाही पंचायत के मुखिया विजय यादव, पूर्व मुखिया सह जदयू प्रखंड अध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष महेश पांडे, पंचायत समिति सदस्य राज कुमार सिंह, पूर्व सरपंच आनंद सिंह, राजस्व कर्मचारी अमित कुमार, किसान सलाहकार श्याम कुमार भारती, विकास मित्र महेंद्र सरदार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद थे.
बाढ़ पूर्व तैयारी तेज, अनुश्रवण समिति की बैठक में सुरक्षा व राहत व्यवस्था पर मंथन
तटबंध के भीतर बसे गांवों के लिए नाव और राहत की तैयारी
