Supaul News: बिहार के सुपौल जिले अंतर्गत छातापुर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले सैकड़ों गरीब परिवारों के लिए सोमवार का दिन नई उम्मीदों की किरण लेकर आया. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 'आवास प्लस-2024' की नई सर्वे सूची को अंतिम रूप देने के लिए प्रखंड की आधा दर्जन पंचायतों में एक साथ विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया. ग्राम सभा में उमड़ी महिलाओं और ग्रामीणों की भीड़ ने यह साफ कर दिया कि अपने आशियाने का सपना हर दिल में कितना गहरा बसा है.
ग्राम सभाओं में सामाजिक अंकेक्षण, रामपुर पंचायत में 833 लाभुकों का लेखा-जोखा
प्रखंड की रामपुर, माधोपुर, कटहरा, घीवहा, डहरिया और लक्ष्मीनिया पंचायत में आयोजित इन ग्राम सभाओं में पारदर्शिता का खास ख्याल रखा गया. रामपुर पंचायत सरकार भवन में मुखिया कुलसुम की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने स्वयं बैठकर पात्रता सूची का सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) किया. रामपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मो हाशिम ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत में कुल 833 लाभुकों का नाम सर्वे सूची में दर्ज है. ग्राम सभा में योग्य और अयोग्य लाभुकों की गहन जांच-पड़ताल की गई. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो लोग अपात्र या अयोग्य पाए जाएंगे, उनका नाम सूची से तत्काल हटा दिया जाएगा ताकि केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही योजना का लाभ मिले.
रोस्टर के तहत हुआ आयोजन, अधिकारियों और ग्रामीणों की रही मजबूत मौजूदगी
ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव और ग्रामीण आवास सहायकों के एक से अधिक पंचायतों के प्रभार में रहने के कारण प्रशासनिक स्तर पर रोस्टर बनाकर तिथियां तय की गई थीं. रामपुर के अलावा अन्य सभी निर्धारित पंचायतों में भी संबंधित मुखिया की अध्यक्षता में शांतिपूर्ण माहौल में ग्राम सभाएं संपन्न हुईं. इस दौरान प्राथमिकता निर्धारण प्रारूप सूची पर ग्रामीणों की सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई. बैठकों में आवास सहायक नजमुल होदा, पीआरएस रंजन कुमार, उप मुखिया संजय सिंह, विकास मित्र सिकेंद्र सादा, मो नसीमुद्दीन, सुशील कुमार, मो इरफान आलम, मो शमशेर आलम और रमेश सिंह सहित भारी संख्या में वार्ड सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे.
प्रशासनिक मुस्तैदी और बीडीओ का बड़ा आश्वासन
आवास योजना में पारदर्शिता और वास्तविक गरीबों को हक दिलाने को लेकर प्रखंड प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहा है. छातापुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ राकेश गुप्ता ने इस पूरे आयोजन पर जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम सभा से सर्वे सूची के अनुमोदन के बाद वंचित पात्र परिवारों को सीधे प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में जोड़ा जाएगा. बीडीओ ने भरोसा दिलाया कि विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए सभी पात्र बेघर परिवारों को पक्के मकान की सौगात दी जाएगी.
Supaul News: ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीबों के जीवन पर व्यापक असर
प्रधानमंत्री आवास योजना केवल चार दीवारें खड़ी करने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण गरीबों के सामाजिक और आर्थिक स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा है. पक्का मकान मिलने से न केवल प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की मार से सुरक्षा मिलती है, बल्कि परिवार के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. सामाजिक अंकेक्षण के जरिए अयोग्य लोगों को बाहर कर वास्तविक गरीबों को प्राथमिकता सूची में शामिल करने की यह पहल निष्पक्षता की एक नई मिसाल बन रही है.
