कटैया-निर्मली (सुपौल): गरीब परिवारों को कम खर्च में शादी की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई बिहार सरकार की सामुदायिक विवाह भवन योजना पिपरा प्रखंड में फिलहाल कागजों तक ही सिमटकर रह गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शिलान्यास किए छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रखंड की पांच पंचायतों में अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक विवाह भवन बनाने का निर्णय लिया गया था. इसी क्रम में 1 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिपरा प्रखंड की पथरा उत्तर, पथरा दक्षिण, बसहा, रामपुर और दुवियाही पंचायतों में सामुदायिक विवाह भवन का शिलान्यास किया था. शिलान्यास के समय लोगों में खुशी थी और उम्मीद जगी थी कि अब बेटी-बेटों की शादी कम खर्च में हो सकेगी. लेकिन छह माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी निर्माण स्थल पर एक भी ईंट नहीं लगाई गई है. घास से ढक गए शिलापट, काम शुरू होने का इंतजार पथरा उत्तर पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि शिलान्यास के दिन जनप्रतिनिधि आए, फीता काटा, फोटो खिंचवाई और चले गए. इसके बाद किसी ने योजना की सुध नहीं ली। स्थिति यह है कि शिलापट के आसपास घास उग आई है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब भी यह नहीं बताया गया है कि भवन का निर्माण कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा. गरीब परिवारों की उम्मीदों पर पानी रामपुर पंचायत के लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों को शादी के लिए टेंट, पंडाल और निजी भवनों पर एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. यदि सामुदायिक विवाह भवन बन जाता तो यह खर्च काफी कम हो जाता और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती. दुवियाही पंचायत में भी हालात कमोबेश ऐसे ही हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि राशि स्वीकृत होने के बावजूद विभागीय उदासीनता के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी. जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं पंचायती राज विभाग से पूरे मामले की जांच कर लापरवाह अधिकारियों और कार्य एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने और इसकी समय-सीमा सार्वजनिक करने की भी मांग की है. अधिकारी बोले चार-पांच दिनों में शुरू होगा निर्माण कार्य मामले पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) गयानंद यादव ने बताया कि विवाह भवन निर्माण के लिए सरकार द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराई गई राशि वापस ले ली गई थी. अब दोबारा राशि प्राप्त हो गई है. उन्होंने कहा कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर सभी संबंधित पंचायतों में एक साथ निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा.
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