किशनपुर. उच्च माध्यमिक विद्यालय किशनपुर के मैदान में दो दिवसीय सत्संग के अंतिम दिन बुधवार को महर्षि मेंही आश्रम हरिद्वार से आए स्वामी सत्यानंद जी महाराज के वाणी से उपस्थित श्रोता श्रद्धालु संतमत के अथाह सागर में सराबोर हुए. जहां स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने अध्यात्म ज्ञान, सद्भावपूर्ण जीवन के वर्णन के साथ ही राष्ट्र सेवा पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया. उन्होंने कहा कि सत्संग से आपस में सद्भावना की जागृति होती है. समाज के लोग सद्भावपूर्ण जीवन जीते हैं. मनुष्य अपने कर्तव्य को पहचान कर समाज एवं राष्ट्र की सेवा में समर्पित रहता है. राष्ट्र की समुचित उन्नति आध्यात्मिक लोगों से ही संभव है. सत्संग सुनकर लोग सदाचारी बनते हैं. नशा से अपने जीवन को मीलों दूर रखते हैं. किंतु यदि युवा भाई बहन जब सत्संग ज्ञान को सुनता है तो अपने जीवन को नशा से मुक्त कर लेता है. सत्संग से देश और समाज की भलाई होती है. लोग गलत व्यसन से मुक्त होकर अपने जीवन को सम्यक रूप में सजा लेता है. अतः हम सबों को सत्संग अवश्य सुनना चाहिए. कहा कि शिक्षित साधुजन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित रहते हुए लोगों को उत्तम ज्ञान देकर देश के नींव को मजबूत करते हैं. यह सेवा एक तरह से सामाजिक और राष्ट्रीय सेवा है. सत्संग को स्वामी अयोधी बाबा, स्वामी मनोज बाबा, स्वामी कल्याण बाबा, स्वामी आत्मानंद बाबा सहित अन्य ने अपने प्रवचन से श्रोताओं को सराबोर किया. वहीं डॉ कंचन प्रिया ने अपने संगीत से लोगों के मन को मोह लिया. सत्संग ज्ञान यज्ञ को कुमरगंज किशनपुर वासी द्वारा सफल बनाया गया.
सत्संग सुनकर सदाचारी बनते हैं लोग : स्वामी सत्यानंद जी महाराज
मनुष्य अपने कर्तव्य को पहचान कर समाज एवं राष्ट्र की सेवा में समर्पित रहता है
