सुपौल जिले में मनरेगा (MNREGA) एवं जी रामजी योजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की प्रगति को लेकर उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान डीडीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को लंबित विकास योजनाओं में तेजी लाने और विभागीय लक्ष्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया.
e-KYC का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का आदेश
समीक्षा बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारी (PO), कनीय अभियंता (JE) और पंचायत तकनीकी सहायक (PTA) शामिल हुए:
- समय पर मिले लाभ: डीडीसी ने निर्देश दिया कि मनरेगा योजनाओं से जुड़े लाभुकों की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया में तेजी लाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य अविलंब हासिल किया जाए, ताकि योजना का पारदर्शी लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके.
वित्तीय वर्ष 2026-27 के पौधारोपण अभियान की तैयारी तेज़
पौधारोपण (Afforestation) अभियान की समीक्षा करते हुए डीडीसी ने समयबद्ध तरीके से सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए:
- विभागीय प्रक्रियाएं: योजनाओं की एमआईएस (MIS) पर प्रविष्टि, प्राक्कलन (Estimate) तैयार करना, तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति (TS/AS) प्राप्त करना तथा पौधों की आपूर्ति के लिए वर्क ऑर्डर निर्गत करने के कार्यों को बिना किसी विलंब के पूरा करने को कहा गया.
ग्रामीण इलाकों में बढ़ेगा रोजगार: मानव दिवस सृजन पर बल
डीडीसी इंद्रवीर कुमार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान मनरेगा के तहत अधिक से अधिक मानव दिवस (Person Days) सृजित करने पर विशेष बल दिया:
उप विकास आयुक्त का निर्देश: "ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने और पलायन रोकने के लिए मनरेगा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है. सभी कार्यक्रम पदाधिकारी सुनिश्चित करें कि लक्ष्य के अनुरूप मजदूरों को समय पर काम मिले."
समीक्षा बैठक में एनईपी-डीआरडीए निदेशक अनित कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता समेत संबंधित विभागों के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे.
