नेपाल के जल अधिग्रहण और पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का सीधा असर एक बार फिर सीमावर्ती इलाके में दिखने लगा है. सुपौल जिले के वीरपुर स्थित कोसी बराज पर गुरुवार की अलसुबह से ही नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई. पानी के भारी दबाव को नियंत्रित करने के लिए कोसी बराज के 28 फाटकों को खोल दिया गया है. गुरुवार की शाम तक नदी का डिस्चार्ज 2 लाख 35 हजार क्यूसेक के पार पहुंच गया, जिससे तटबंध के भीतर बसे निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गया है.
सुबह 5 बजे से शुरू हुआ जलस्तर में उछाल, शाम 4 बजे तक चढ़ा पानी
वीरपुर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार की सुबह 5:00 बजे से ही कोसी नदी और नेपाल स्थित बराह क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया था. दोपहर 2:00 बजे से बहाव में तेजी आई जो शाम 5:00 बजे तक अपने चरम पर पहुंच गई. इस दौरान कोसी बराज पर अधिकतम डिस्चार्ज 2,35,110 क्यूसेक दर्ज किया गया. हालांकि शाम के बाद जलस्तर में आंशिक स्थिरता और हल्की गिरावट देखी गई, लेकिन नदी का रुख अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है.
पानी के दबाव से खोले गए 28 फाटक, हर घंटे जारी हो रहा डिस्चार्ज बुलेटिन
जलस्तर के सुरक्षित निकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कोसी बराज के कुल 56 फाटकों में से 28 फाटकों को उठा दिया है. परियोजना से जुड़े तकनीकी अधिकारी लगातार प्रति घंटे पानी के डिस्चार्ज का डेटा फ्लैश कर रहे हैं. डाउनस्ट्रीम के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को भी नदी के बदलते स्वरूप की पल-पल की जानकारी भेजी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
- Peak Discharge 2.35 Lakh Cusecs: गुरुवार शाम कोसी नदी का डिस्चार्ज बढ़कर 2,35,110 क्यूसेक तक पहुंच गया, जिसके बाद एहतियाती कदम उठाए गए.
- 28 Barrage Gates Opened: जल निकासी को सुचारू और नियंत्रित रखने के लिए बराज के 28 फाटकों को चरणबद्ध तरीके से खोला गया.
- Nepal Catchment Rainfall Impact: नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण बराह क्षेत्र से कोसी में भारी मात्रा में पानी डिस्चार्ज हो रहा है.
- Round the Clock Vigilance: अगले 24 घंटों तक नदी के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सभी कार्यपालक व सहायक अभियंताओं को तटबंधों पर तैनात किया गया है.
अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील, तटबंधों और स्परों पर रखी जा रही पैनी नजर
जल निस्सरण एवं बाढ़ नियंत्रण के चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश ने स्थिति की स्पष्ट जानकारी देते हुए बताया कि कोसी नदी की प्रकृति पूरी तरह नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में होने वाली मानसूनी बारिश पर टिकी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि शाम के बाद दर्ज की गई गिरावट को पूरी तरह राहत नहीं माना जा सकता, क्योंकि अगले 24 घंटे तक पानी के बढ़ने और घटने का क्रम अनवरत जारी रहेगा. चीफ इंजीनियर ने यह भी आश्वस्त किया कि कोसी नदी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों मुख्य तटबंधों के सभी स्पर, नोज और संवेदनशील बिंदु अपने सभी अवयवों के साथ पूरी तरह सुरक्षित हैं. संबंधित क्षेत्र के अभियंताओं को कैंप करने और लगातार पेट्रोलिंग करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि तटबंध की सुरक्षा में कोई चूक न हो सके.
