त्रिवेणीगंज. प्रखंड परिसर स्थित टीसीपी भवन में गुरुवार को बीपीडीपी (ब्लॉक प्रॉजेक्ट डेवलपमेंट प्लान योजना) के तहत योजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रखंड क्षेत्र के पंचायत समितियों की बैठक बुलाई गई. जिसकी अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख काजल देवी ने की. जबकि संचालन बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी अभिनव भारती ने किया. इस दौरान बीपीडीपी के अलावे प्रखंड के कई समस्याओं को लेकर सदस्यों ने बैठक में सवाल उठाए. जिसपर संबंधित विभाग के पदाधिकारियों ने समाधान करने का आश्वासन भी दिया. वहीं पंचायत समिति सदस्य बोधि यादव ने स्वास्थ्य विभाग का सवाल उठाते हुए कहा कि अनुमंडलीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं है. सिटी स्कैन की व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण गरीब मरीजों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने अंचल से जुड़े सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्व की ओर से परिमार्जन, दाखिल खारिज,अमीन द्वारा समय पर भू-मापी नहीं कराने से लोगों में रोष है. इस पर राजस्व पदाधिकारी ने कहा कि पंद्रह दिनों के अंदर इन समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा. वहीं जदिया पंचायत के मुखिया की ओर से सवाल उठाते हुए प्रतिनिधि ने कहा कि जदिया पंचायत की दूरी प्रखंड से दस किलोमीटर दूर है. एक बड़ा पंचायत होने के नाते इसका क्षेत्र भी काफी बड़ा है. यहां एक भी दमकल नहीं है. जिसके कारण अगलगी की घटना में त्रिवेणीगंज और छातापुर से दमकल मंगवाना पड़ता है. इसलिए दमकल की एक गाड़ी को जदिया में दिया जाय. वहीं मुखिया राजेश कुमार ने कहा कि पंचायत सरकार भवन में बायोमेट्रिक उपस्थिति कर्मियों द्वारा नहीं दर्ज कराई जाती है. इसके जवाब में बीडीओ ने कहा कि अब नियमित सभी कर्मियों की उपस्थिति मंगवाई जाएगी. वहीं पंचायत समिति सदस्य जहांगीर आलम ने कहा कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने संबंधित योजनाओं की जानकारी देने की बात पिछले बैठक में की थी. लेकिन किसानों के लिए आने वाली योजनाओं की जानकारी नहीं दी जा रही है. बैठक में बीडीओ ने बताया कि पूरे प्रखंड के 23 पंचायतों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन मद्द में 39 हजार 171 लोगों को 04 सौ रुपए प्रतिमाह पेंशन दिया जा रहा है. वहीं 17 लाभार्थी को कुष्ठ कल्याण योजना के अंतर्गत 15 सौ रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है. 48 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल दी गई है. बैठक में उप प्रमुख गुड्डू ओमप्रकाश, मनरेगा पीओ विजय कुमार नीलम, राजस्व अधिकारी राकेश कुमार, बीईओ नागेंद्र चौधरी, जेई राकेश कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक एस अदीब अहमद, अबुल हसन, उमेश यादव, जयकुमार यादव, मो जमील आदि मौजूद थे. महिला सशक्तिकरण के दावे दिखी फ्लॉप सरकार और कई सामाजिक संगठन महिला सशक्तिकरण के तहत महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत हैं. कई प्रकार की योजनाओं को संचालित कर महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं. लेकिन ठीक इसके विपरीत इस ओर अधिकारी संवेदनशील नजर नहीं आ रहे हैं. गुरुवार को आयोजित इस बैठक में कई ऐसे महिला जनप्रतिनिधियों के पति प्रतिनिधि बनकर शामिल हुए. जो अपने-अपने क्षेत्र के विकास की बातों को महिला जनप्रतिनिधि के बदले रखा. जिससे महिला सशक्तिकरण के दावे फ्लॉप साबित होती दिखी. महिला जनप्रतिनिधि को दी गयी है हिदायत बैठक में महिला जनप्रतिनिधि के पति के शामिल होने के मामले को लेकर बीडीओ अभिनव भारती ने बताया कि बैठक में कुछ महिला जनप्रतिनिधि के पति शामिल हुए थे. इसको लेकर बैठक में हिदायत दी गई कि विभागीय पत्र के आलोक के आधार पर जनप्रतिनिधियों को ही इस तरह की बैठक में शामिल होना है न कि उनके पति को. अगले बैठक से इन बातों को गहनता से लेकर महिला जनप्रतिनिधियों को खुद से बैठक में उपस्थित रहने की हिदायत दी गई है. उनके प्रतिनिधि या पति मान्य नहीं होंगे. अन्यथा विभागीय निर्देशों की अवहेलना करने के कारण ऐसे जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की जाएगी.
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