राघोपुर.
एनएचएआई द्वारा एनएच 131 के किनारे बनाए गए नालों की स्थिति दिनों-दिन खराब होती जा रही है. कई स्थानों पर नाले टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुके है. जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण के कुछ ही समय बाद कई जगहों पर दरारें पड़ने लगी. अब स्थिति यह है कि कई हिस्से पूरी तरह टूट चुके है.मरम्मत नहीं होने से लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि क्षतिग्रस्त नालों की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और विभागीय कर्मियों को दी गई है. लेकिन अब तक मरम्मत के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है. समय रहते मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. प्रखंड कार्यालय के पास बने नाले का एक हिस्सा टूटकर लगभग चार फीट से अधिक चौड़ा गड्ढा बन गया है. यह गड्ढा मुख्य मार्ग के किनारे होने के कारण प्रतिदिन दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह स्थान और अधिक खतरनाक हो जाता है. कई बार राहगीर गड्ढे को नहीं देख पाते है. सर्राफ ज्वेलर्स के पास पिपराही जाने वाली सड़क के मुहाने पर दो स्थानों पर नाला क्षतिग्रस्त हो चुका है. यहां आए दिन लोगों के फिसलकर चोटिल होने की आशंका बनी रहती है. विशेष रूप से छोटे बच्चों के नाले में गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे स्थानीय अभिभावक चिंतित हैं. गायत्री मंदिर के पास एनएच के पूर्वी हिस्से में बना नाला भी काफी पहले से टूटा हुआ है. लंबे समय से क्षतिग्रस्त रहने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है. जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों ने एनएचएआई और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से जल्द से जल्द टूटे हुए नालों की मरम्मत कराने, खतरनाक स्थलों पर सुरक्षा घेराबंदी करने तथा चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है. ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनहित में आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे. फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन की ओर से त्वरित पहल की उम्मीद लगाए बैठे हैं.