कहर: आंधी-बारिश व ओलावृष्टि से भारी तबाही

हेक्टेयर में लगी रबी की फसल बर्बाद

– हेक्टेयर में लगी रबी की फसल बर्बाद कटैया-निर्मली. पिपरा थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बीते शनिवार की शाम तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई. जिससे जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया. प्रखंड क्षेत्र के निर्मली, कटैया, पथरा, जोल्हनियां थुमहा, तुलापट्टी, दीनापट्टी, रतौली सहित निर्मली बाजार में संचालित जीविका कार्यालय एवं अन्य पंचायतों में हजारों लोगों का टीन व एस्बेस्टस शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. किसानों के लिए यह प्राकृतिक आपदा भारी तबाही साबित हुई. किसान के खेतों में तैयार मक्का की फसलें बारिश से बर्बाद हो गई. वहीं आंधी ने फसलों के साथ-साथ आम के पेड़ों पर लगे टिकुलों को भी भारी क्षति पहुंचाई. हजारों एकड़ में लगी केला की फसल पूरी तरह से टूटकर बिखर गई. किसान राजेन्द्र निराला, सत्य नारायण मंडल, रामनारायण मंडल, जगदीश मंडल, प्रमोद मंडल सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि इस आंधी बारिश के कारण सालों का मेहनत कुछ ही पलों में मिट गया. हम लोगों को लाखों रुपए की क्षति हुई है. सरकार से क्षतिपूर्ति देने की मांग कर रहे हैं. किसानों को व्यापक आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. तेज आंधी के चलते तार पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई. शनिवार रात से ही कई इलाकों में बिजली सेवा बाधित रही. हालांकि बिजली विभाग युद्ध स्तर पर बिजली बहाल करने में जुटे हुए हैं. आंधी के कारण एनएच 327ई मार्ग में दर्जनों जगहों के साथ एक निजी स्कूल के ऊपर एक विशाल पेड़ गिर गया. जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई. स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने रविवार सुबह से ही त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क से गिरे पेड़ को हटाया. जिसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से बहाल हो सका. प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है. प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने की प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की उम्मीद है. पिपरा थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बीते शनिवार की शाम तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई. जिससे जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया. प्रखंड क्षेत्र के निर्मली, कटैया, पथरा, जोल्हनियां थुमहा, तुलापट्टी, दीनापट्टी, रतौली सहित निर्मली बाजार में संचालित जीविका कार्यालय एवं अन्य पंचायतों में हजारों लोगों का टीन व एस्बेस्टस शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. ही किसानों के लिए यह प्राकृतिक आपदा भारी तबाही साबित हुई. किसान के खेतों में तैयार मक्का की फसलें बारिश से बर्बाद हो गई. हजारों एकड़ में लगी केला की फसल पूरी तरह से टूटकर बिखर गई. किसान राजेन्द्र निराला, सत्य नारायण मंडल, रामनारायण मंडल, जगदीश मंडल, प्रमोद मंडल सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि इस आंधी बारिश के कारण सालों का मेहनत कुछ ही पलों में मिट गया. हम लोगों को लाखों रुपए की क्षति हुई है. सरकार से क्षतिपूर्ति देने की मांग कर रहे हैं. किसानों को व्यापक आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. तेज आंधी के चलते तार पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई. शनिवार रात से ही कई इलाकों में बिजली सेवा बाधित रही. हालांकि बिजली विभाग युद्ध स्तर पर बिजली बहाल करने में जुटे हुए हैं. आंधी के कारण एनएच 327ई मार्ग में दर्जनों जगहों के साथ एक निजी स्कूल के ऊपर एक विशाल पेड़ गिर गया. जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई. स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने रविवार सुबह से ही त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क से गिरे पेड़ को हटाया. जिसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से बहाल हो सका. प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है. प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने की प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की उम्मीद है.

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