सुपौल : कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच गुरुवार सुबह वीरपुर स्थित कोसी बराज के डाउन स्ट्रीम में एक बार फिर गंगा डॉल्फिन दिखाई दी. डॉल्फिन के नजर आने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है और क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है. इससे पहले भी इस इलाके में डॉल्फिन देखी जा चुकी है.
पहले भी मिल चुके हैं डॉल्फिन के प्रमाण
वन्यजीव अभ्यारण्य पटना और दिल्ली की संयुक्त टीम ने वर्ष 2024 में तीन दिवसीय कोसी प्रवास के दौरान पक्षियों की गणना के साथ कोसी नदी में डॉल्फिन की मौजूदगी की पुष्टि की थी. टीम ने कोसी बराज से कोसी महासेतु तक के क्षेत्र को डॉल्फिन के लिए उपयुक्त और संरक्षित क्षेत्र बताया था. साथ ही भविष्य में इनकी संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई थी.
चीफ इंजीनियर बोले, कई बार देख चुका हूं डॉल्फिन
बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग, वीरपुर के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बताया कि उन्होंने स्वयं पांच से छह बार इस डॉल्फिन को देखा है. उनके अनुसार यह गंगा डॉल्फिन है, क्योंकि इसका आकार अपेक्षाकृत बड़ा है. यह प्रायः कोसी बराज के 26, 27 और 36 नंबर फाटक के आसपास दिखाई देती है. हालांकि इसकी संख्या के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता.
संरक्षण की व्यवस्था नहीं, लेकिन अच्छी है मौजूदगी
मुख्य अभियंता ने बताया कि फिलहाल डॉल्फिन संरक्षण के लिए विभाग के स्तर पर कोई विशेष व्यवस्था नहीं है. फिर भी कोसी नदी में गंगा डॉल्फिन का दिखाई देना पर्यावरण और जैव विविधता की दृष्टि से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. स्थानीय लोगों ने भी इस दुर्लभ जलीय जीव के संरक्षण के लिए प्रभावी पहल की मांग की है.
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