नाबालिग पुत्री की गुमशुदगी के मामले में प्राथमिकी

लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत मिली न्याय की राह

लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत मिली न्याय की राह सुपौल. अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय के प्रयास से एक पिता को अपनी नाबालिग पुत्री की गुमशुदगी के मामले में न्याय मिला है. बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के अंतर्गत दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ की. महुआ वार्ड नंबर 12 बृहस्पति सादा ने आरोप लगाया कि 20 अप्रैल 2025 को उनकी नाबालिग पुत्री को पड़ोस का ही एक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया. उन्होंने इस संबंध में सदर थाना में आवेदन भी दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. थाने से न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने 05 जुलाई 2025 को बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत ऑनलाइन शिकायत (अनन्य संख्या 9999901050725561123) दर्ज कराई. यह शिकायत अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय को सुनवाई के लिए प्राप्त हुई. कार्यालय द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर विधिसम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया गया. लोक शिकायत के निर्देश के आलोक में सुपौल थाना में कांड संख्या 360/25 दिनांक 10 जुलाई को धारा 126(2), 115(2), 137(2), 96, 352, 3(5) बीएनएसएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई. इससे परिवादी की शिकायत का औपचारिक निवारण हो सका.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >