कार्यपालक सहायकों ने 11 सूत्री मांगों को ले किया विरोध

जिला सचिव पुष्कर राज और प्रखंड अध्यक्ष विपिन कुमार ने कहा कि सरकार कार्यपालक सहायकों के साथ दोहरी नीति अपना रही है

प्रतापगंज. बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के आह्वान पर बुधवार को प्रखंड के सभी विभागों के कार्यपालक सहायकों ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की. आंदोलन के प्रथम दिन सभी कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया और सरकार से अपनी 11 सूत्री मांगों को पूरा करने की अपील की. इस मौके पर जिला सचिव पुष्कर राज और प्रखंड अध्यक्ष विपिन कुमार ने कहा कि सरकार कार्यपालक सहायकों के साथ दोहरी नीति अपना रही है. उन्होंने कहा कि जिस तरह संविदा और दैनिक भोगी कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा और वेतनमान दिया जा रहा है, उसी तरह कार्यपालक सहायकों को भी यह अधिकार मिलना चाहिए. नेताओं ने बताया कि कार्यपालक सहायकों की प्रमुख मांगों में राज्यकर्मी का दर्जा एवं वेतनमान, सेवा संवर्ग का गठन कर स्थायीकरण, योग्यता अहर्ता मैट्रिक से बढ़ाकर इंटरमीडिएट करना, नियुक्ति की तिथि से ईपीएफ का आच्छादन, हटाए गए सहायकों का समायोजन, आकस्मिक निधन पर उपादान राशि 40 लाख, चिकित्सीय सुविधा, तथा अकाल मृत्यु पर आश्रित को नौकरी देने जैसी मांगें शामिल हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने समय पर मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. इस दौरान अमरेश कुमार, रंजीत कुमार, आशुतोष कुमार, नबी मोहम्मद अख्तर, प्रियंका जायसवाल, चंदन कुमार और सुनील कुमार राम सहित कई कार्यपालक सहायक मौजूद रहे.

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