भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए छात्र रहें तैयार

सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय के विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला “एम्पावरिंग द फ्यूचर : पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स एंड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स” का प्रथम दिवस सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.

भविष्य की तकनीकों पर मंथन. सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ सुपौल. सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय के विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला “एम्पावरिंग द फ्यूचर : पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स एंड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स” का प्रथम दिवस सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. यह कार्यशाला बिहार कॉन्सिल ऑन साइंस व टेक्नोलॉजी के प्रायोजन में आयोजित की जा रही है. कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एएन मिश्रा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकें हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय कार्यशाला विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के साथ तालमेल बैठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग प्रधानाचार्य प्रो डॉ राम चंद्र प्रसाद ने कार्यशाला के विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया. प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने अपने-अपने विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए. डॉ मोइम पंडित ने हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम पर अपना व्याख्यान दिया. वहीं दिव्यदीप भटाचार्य ने एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी विषय पर विस्तार से चर्चा कर प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकी जानकारी से अवगत कराया. कार्यशाला में समन्वयक डॉ राजा गांधी, प्रकाश कुमार, अजय आनंद, डॉ चंदन कुमार आदि मौजूद थे.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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