वीरपुर. वीरपुर एयरपोर्ट को उड़ान योजना में शामिल किया गया है. जिसको लेकर अब वीरपुर हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इससे जहां एक ओर जिले समेत इलाके के लोगों में खुशी है. वहीं उन किसानों में मायूसी है. जिन क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण किया जाना है. वैसे जमीन प्राप्ति को लेकर सर्वे का कार्य शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि जमीन अधिग्रहण दो किमी लम्बे और 180 मीटर चौड़े क्षेत्र का किया जायेगा. वर्तमान समय में वीरपुर हवाई अड्डे के रनवे का लेन 1200 मीटर का है. इसे बढ़ाकर अब तीन किलोमीटर किया जाएगा. इसके लिये 88 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. जिसके लिये 43 करोड़ रुपये की स्वीकृति मंत्रिपरिषद की बैठक में चार फरवरी को दे दी गई है. जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही को लेकर पिपराही नाग और परमानन्दपुर में रैयतों में गम का माहौल देखा जा रहा है. वीरपुर हवाई अड्डे से सटे परमानंदपुर पंचायत और इसी पंचायत के पिपरही नाग मौजा के रैयतों ने कहा कि उनके पास कम जमीन है. उसे अधिग्रहण करने के बाद उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. अब उन्हें विस्थापित होना पड़ेगा. कहते हैं किसान स्थानीय किसान महेन्द्र मेहता ने कहा कि हमलोग किसान हैं. जमीन ही हमें प्यारा है. एयरपोर्ट के लिये जमीन लिया जा रहा है. जिससे किसान काफ़ी दुखी हैं. कई किसानों क़े आवासित घर भी है. जिसमें उनका पूरा बासोबास है. इस समाज को छोड़कर उन्हें कहीं अन्यत्र जाना पड़ेगा. किसान इंद्र नारायण साह ने बताया कि इस एयरपोर्ट क़े विस्तार से हमलोगों का सारा जमीन जा रहा है. जिससे हमलोग का जीवन बसर होता है. हमारी जीविका का साधन भी मात्र खेती ही है.
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