एलपीजी गैस की किल्लत से होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट

जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आए हैं, उसकी रिपोर्ट जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भेजी जाएगी

जांच में कई जगह चूल्हे बंद, कहीं घरेलू तो कहीं कामर्शियल सिलिंडर मिले त्रिवेणीगंज. नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों एलपीजी गैस की भारी किल्लत से होटल और रेस्टोरेंट संचालक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं. शुक्रवार को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों की जांच के लिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नेहा कुमारी पहुंची. जांच के दौरान कई होटलों की रसोई में चूल्हे बंद मिले, तो कहीं घरेलू गैस सिलिंडर और कहीं कामर्शियल गैस सिलिंडर का उपयोग होता पाया गया. कुछ स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी, जिससे रसोईघरों में दुर्गंध फैल रही थी और कई जगह मक्खियां भिनभिनाती नजर आईं. जांच के दौरान होटल संचालकों ने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने खुलकर रखी. रेस्टोरेंट संचालक प्रियंका कुमारी व होटल संचालक मिथुन कुमार, मंटू साह, संतोष कुमार, सोनू कुमार और अविनाश कुमार समेत कई लोगों ने बताया कि पिछले लगभग दस दिनों से एलपीजी गैस की स्थिति बेहद खराब हो गई है. संचालकों का कहना है कि जैसे-तैसे जुगाड़ कर शुक्रवार तक होटल चलाया जा रहा है, लेकिन गैस की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई तो होटल बंद करने की नौबत आ सकती है. घरेलू जीवन भी प्रभावित होटल संचालकों ने बताया कि गैस की कमी का असर केवल उनके कारोबार पर ही नहीं, बल्कि घरेलू जीवन पर भी पड़ रहा है. कई संचालकों ने बताया कि उनके घरों में भी पिछले तीन दिनों से गैस खत्म है, जिसके कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है. मजबूरी में वे होटल पर कोयले की भट्ठी जलाकर किसी तरह परिवार और स्टाफ के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं. उनका कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में गैस की ऐसी किल्लत पहले कभी नहीं देखी. बाजार में संचालित गुरु कृपा स्नैक्स एंड स्वीट्स के संचालक अविनाश कुमार ने बताया कि गैस की समस्या के कारण उनका कामकाज लगभग ठप पड़ गया है. उन्होंने कहा कि अब कोई विकल्प नहीं बचा है, इसलिए वे पुरानी तकनीक अपनाते हुए कोयले की भट्ठी पर नाश्ता, खाना और मिठाई बनाने की तैयारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि पिछले दो दिनों से किसी तरह काम चलाया जा रहा था, लेकिन अब बिना वैकल्पिक व्यवस्था के होटल चलाना संभव नहीं है. गैस नहीं मिलने के कारण होटल व्यवसायियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. होटल संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य कराई जाए, ताकि उनका व्यवसाय और घरेलू जीवन फिर से पटरी पर लौट सके. संचालकों ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो बाजार के कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं. आठ होटलों की हुई जांच: आपूर्ति पदाधिकारी इस संबंध में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नेहा कुमारी ने बताया कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड क्षेत्र के आठ होटलों और रेस्टोरेंटों में कामर्शियल गैस सिलेंडर की जांच की गई है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आए हैं, उसकी रिपोर्ट जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भेजी जाएगी. साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ होटल संचालक स्वेच्छा से मिट्टी के चूल्हे और कोयले की भट्ठी का इस्तेमाल कर काम चला रहे हैं.

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