प्रतापगंज में राजकीय डिग्री कॉलेज का भव्य उद्घाटन: मुख्यमंत्री ने किया ऑनलाइन शुभारंभ

प्रतापगंज में राजकीय डिग्री कॉलेज का मुख्यमंत्री ने डिजिटल उद्घाटन किया. उद्घाटन समारोह में स्थानीय विधायक का नाम शिलापट्ट पर न होने से कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई. प्राचार्य ने दी सफाई.

फिलहाल इस कॉलेज का संचालन अस्थाई रूप से एसबीके बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय प्रतापगंज के भवन से किया जा रहा है. बिहार सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऑनलाइन माध्यम से पूरे राज्य के साथ यहां का भी डिजिटल उद्घाटन किया. इसके बाद कॉलेज परिसर में आयोजित समारोह में अतिथियों ने फीता काटकर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की, परंतु उद्घाटन शिलापट्ट को लेकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बाद उसे मौके से हटाना पड़ा.

ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए वरदान साबित होगा कॉलेज

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के प्रतिनिधि डॉ. संग्राम सिंह और पूर्व विधायक लखन ठाकुर उपस्थित रहे. अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कॉलेज का विधिवत शुभारंभ किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उद्घाटन के साथ ही कॉलेज में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कर दी जाएंगी. सरकार की यह दूरदर्शी पहल ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए बेहद कारगर साबित होगी. प्रखंड मुख्यालय में ही डिग्री कॉलेज खुल जाने से अब स्थानीय विद्यार्थियों को स्नातक की उच्च शिक्षा के लिए सुदूर या दूसरे जिलों के कॉलेजों का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा.

शिलापट्ट पर विधायक का नाम न होने पर नाराजगी, अधिकारियों से शिकायत की चेतावनी

कॉलेज की शुरुआत से जहां एक ओर छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में बेहद खुशी का माहौल था, वहीं दूसरी ओर एक प्रशासनिक चूक या साजिश के कारण उद्घाटन समारोह में तनाव की स्थिति पैदा हो गई. कार्यक्रम के दौरान जब विधायक प्रतिनिधि सिकंदर सरदार और उनके समर्थकों व कार्यकर्ताओं की नजर उद्घाटन शिलापट्ट (पत्थर) पर पड़ी, तो वे दंग रह गए. शिलापट्ट पर स्थानीय विधायक का नाम कहीं भी दर्ज नहीं था. इससे आक्रोशित होकर कार्यकर्ताओं ने आयोजन स्थल पर ही अपनी तीखी नाराजगी व्यक्त की और इस गंभीर लापरवाही की लिखित शिकायत शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों से करने की बात कही.

रात के अंधेरे में लगाया गया था विवादित बोर्ड, प्राचार्य ने दी सफाई

शिलापट्ट से जुड़े इस बड़े विवाद और कार्यकर्ताओं के हंगामे को लेकर जब राजकीय डिग्री कॉलेज के प्राचार्य नीलेंद्र कुमार पांडे से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कॉलेज प्रशासन का पल्ला झाड़ते हुए अपनी सफाई पेश की.

"मंगलवार की रात को ही कोई अज्ञात व्यक्ति आकर इस शिलापट्ट को यहां लगा गया था, जिसकी पहले से हम लोगों को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं थी. बुधवार को कार्यक्रम के दौरान जब वहां उपस्थित गणमान्य लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मुझे यह जानकारी दी कि शिलापट्ट पर स्थानीय विधायक का नाम अंकित नहीं है, तो मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उस विवादित शिलापट्ट को तुरंत वहां से हटवा दिया गया." — नीलेंद्र कुमार पांडे, प्राचार्य, राजकीय डिग्री कॉलेज प्रतापगंज

इस उद्घाटन समारोह के दौरान विधायक प्रतिनिधि सिकंदर सरदार, जयप्रकाश जया, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) सितेश झा, नागेश्वर बिराजी, सुशील नाग, जगदीश जयंत, ललित भगत, नारायण पादुका, जगदीश दास सहित प्लस टू स्कूल के प्रधानाध्यापक संजय कुमार, कॉलेज के सहयोगी स्टाफ, स्थानीय अधिकारी और बड़ी संख्या में विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे.


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लेखक के बारे में

सरोज कुमार प्रिंट माध्यम में 13 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. प्रतापगंज (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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