अतिक्रमण व जाम के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई तेज, चौड़ी दिखने लगी शहर की सड़कें

रेल की खाली जमीन में बरसने लगी लक्ष्मी

– दूसरे दिन भी प्रशासन का चला बुलडोजर, खुद व खुद सामान हटाते दिखे दुकानदार – अन्य दिनों की तरह शहर में नहीं दिखा नाबालिग ई – रिक्शा चालक – रेल की खाली जमीन में बरसने लगी लक्ष्मी सुपौल. शहर में लगातार लग रहे जाम व अतिक्रमण की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ दूसरे दिन मंगलवार को भी व्यापक अभियान चलाया. ई-रिक्शा चालक, ठेला चालक, दुकानदारों और अवैध रूप से पार्किंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई की. कार्रवाई का नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी इंद्रवीर कुमार ने किया. एसडीओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि आम लोगों को अतिक्रमण और जाम से होने वाली परेशानी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. एसडीएम ने नागरिकों से भी अपील की कि वे सभी प्रशासन का सहयोग करें. शहर में अतिक्रमण की स्थिति को रोकने में सहायता करें. कार्रवाई की घोषणा के बाद मंगलवार की सुबह से ही शहर में इसका व्यापक असर दिखा. जहां कल तक फुटपाथ व मुख्य मार्गों पर कब्जा जमाए बैठे लोग अभियान से अनजान बने थे. वही सुबह अधिकांश दुकानदार खुद ही अपने अतिक्रमण को हटाते नजर आए. प्रशासनिक टीम के पहुंचते-पहुंचते बाजार काफी हद तक व्यवस्थित हो चुका था. यह नजारा देखकर यह साफ हो गया कि प्रशासन की सख्ती अब असर दिखाने लगी है. नियम का पालन करने लगे लोग लोग स्वेच्छा से नियमों का पालन करने लगे हैं. अभियान के तहत स्टेशन रोड, पटेल चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, महावीर चौक, थाना चौक, हुसैन चौक समेत कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. ई-रिक्शा चालकों को भी यातायात नियमों का पालन कराने के लिए कड़ी चेतावनी दी गई. कई स्थानों पर बिना कागजात और बिना लाइसेंस चलाए जा रहे ई-रिक्शा को जब्त भी किया गया. यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम सुबह से ही मोर्चे पर तैनात रही. हालांकि इस कार्रवाई से अस्थायी दुकानदारों में मायूसी देखी गई. फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कई विक्रेता रोजी-रोटी पर संकट की बात कहते दिखे. उनका कहना है कि अचानक की गई कार्रवाई से उनकी दुकानें उजड़ गई है. उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सड़कों पर अतिक्रमण हटाना आवश्यक है. ताकि आम लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिल सके. परंतु छोटे दुकानदारों की समस्या पर भी विचार किया जा रहा है. स्थानीय रेल प्रशासन के चेहरे पर दिखने लगी खुशी इधर, दूसरी ओर स्थानीय रेल प्रशासन के चेहरे पर राहत और खुशी देखी गई. शहर में हटाए गए अतिक्रमण के बाद रेल की खाली जमीन पर एक बार फिर हलचल शुरू हो गई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेल प्रशासन इन जगहों को किराए या शुल्क लेकर दुकानदारों को दे रहा है. अतिक्रमण हटने को वह अपने लिए ‘आर्थिक अवसर’ के रूप में देख रहा है. लोगों का कहना है कि एक ओर जिला प्रशासन शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने में जुटे हैं. वहीं दूसरी ओर रेल विभाग शहर की खाली जमीन पर पुनः अस्थायी दुकानें बसाने की जुगत में है. इससे शहर में स्थिति फिर वैसी ही होने का खतरा मंडरा रहा है. स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस मामले में भी संज्ञान लेने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि रेल प्रशासन खुद ही शहर के यातायात व्यवस्था और सौंदर्यीकरण में बाधा डालने लगेगा, तो प्रशासन की मेहनत बेकार हो जाएगी. प्रशासनिक पहल का दिखने लगा असर अभियान के दूसरे दिन यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन ने यदि चाहा तो शहर को अतिक्रमण-मुक्त बनाया जा सकता है. लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि सभी विभाग एकजुट होकर काम करें. विरोधाभासी गतिविधियां रोकी जाएं. स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन आगे भी इसी तरह की मुहिम जारी रखकर शहर को सुचारु यातायात और साफ-सुथरी व्यवस्था का उपहार देगा. परिवहन नियमों का करना होगा पालन अभियान के दौरान कई दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया. साथ ही, कई ई-रिक्शा चालकों के वाहनों को जब्त किया गया. वैध कागजात नहीं मिलने पर उन पर भी जुर्माना किया गया. प्रशासन ने साफ कहा कि बिना लाइसेंस, बिना कागजात या नियमों के विरुद्ध चलने वाले वाहनों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. नाबालिग चालक के ई रिक्शा पर नहीं करें सवारी एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने आम लोगों से आग्रह किया कि वे बिना नंबर या बिना नंबर प्लेट वाले ई-रिक्शा में सफर न करें. न ही उन ई-रिक्शा का उपयोग करें. जिन्हें नाबालिग चला रहे हों. उन्होंने कहा कि दुर्घटना, अपराध या किसी आपात स्थिति में बिना नंबर वाहन को पहचानना मुश्किल होता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. यातायात नियमों के सख्त पालन का निर्देश एसडीओ ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में सड़क पर गाड़ी खड़ी न करें. यातायात प्रणाली को सुचारू रखने के लिए यातायात थानाध्यक्ष और यातायात डीएसपी को निर्देश दिया गया है कि वे नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई करें. आवश्यकता पड़ने पर वाहन जब्त भी करें. इसी क्रम में कल भी दर्जनों वाहन जब्त किए गए थे. इस अभियान में यातायात डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद, नगर कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार, यातायात थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार, राजस्व अधिकारी संदीप कुमार, सदर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद सहित कई पदाधिकारी और पुलिस कर्मी शामिल रहे.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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