Supaul News: सुपौल जिले के छातापुर मुख्यालय बाजार में अतिक्रमण की समस्या एक बार फिर गंभीर होती नजर आ रही है. राज्य राजमार्ग-91 (SH-91) के किनारे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई अब तक पूरी नहीं हो सकी है. इसका असर अब सीधे आम लोगों पर दिखाई दे रहा है. हाईवे किनारे मीट और मछली की दुकानें लगने से जहां लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है, वहीं आसपास के लोगों और राहगीरों को बदबू की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है.
स्थिति यह है कि थाना से महज 25 मीटर की दूरी पर हाईवे किनारे रोजाना मीट और मछली की दुकानें लग रही हैं. खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की बाइक और अन्य वाहन सड़क किनारे खड़े हो जाते हैं, जिससे सड़क पर आवाजाही प्रभावित होती है और कई बार लंबा जाम लग जाता है.
दो महीने पहले जारी हुआ था अतिक्रमण हटाने का आदेश
अनुमंडल प्रशासन ने करीब दो महीने पहले हाईवे किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए आदेश जारी किया था. 16 और 18 अप्रैल को जारी आदेश में मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी, पर्याप्त पुलिस बल, जेसीबी मशीन और मजदूरों की मौजूदगी में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे. पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराने का भी निर्देश था.
लेकिन पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर अभियान को टाल दिया गया. इसके बाद जिन लोगों ने प्रशासन की चेतावनी पर जमीन खाली कर दी थी, उन्होंने भी दोबारा उसी जगह पर कब्जा करना शुरू कर दिया. इससे प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं.
हाईवे पर बढ़ रही जाम और बदबू की समस्या
मीट और मछली की दुकानों के कारण सबसे अधिक परेशानी राहगीरों और स्थानीय लोगों को हो रही है.
दुकानों के सामने वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे SH-91 पर यातायात कई बार बाधित हो जाता है. दूसरी ओर दुकानों से निकलने वाले जैविक कचरे के कारण आसपास बदबू फैलती रहती है. पैदल चलने वाले लोगों को नाक पर रूमाल रखकर गुजरना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.
Supaul News: दुकानदार बोले, मजबूरी में हाईवे किनारे लगानी पड़ रही दुकान
कुछ दिन पहले जब सिंचाई विभाग की जमीन पर फिर से मीट और मछली की दुकानें लगाई जा रही थीं, तब इसकी सूचना मिलने पर बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता मौके पर पहुंचे.
उन्होंने कारोबारियों को सरकारी जमीन खाली करने की चेतावनी दी. इस दौरान दुकानदारों ने अपनी मजबूरी भी सामने रखी. उनका कहना था कि प्रशासन ने अभी तक उनके लिए कोई स्थायी वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं कराया है. ऐसे में रोजी-रोटी चलाने के लिए उन्हें हाईवे किनारे ही दुकान लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है.
प्रशासन तलाश रहा है वैकल्पिक जगह
बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि मीट और मछली बाजार के लिए उपयुक्त स्थान तलाशा जा रहा है.
उन्होंने बताया कि कुछ निजी जमीन मालिकों ने भी दुकान लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है. प्रशासन उन विकल्पों पर विचार कर रहा है ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके और हाईवे किनारे लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित स्थान पर स्थानांतरित किया जा सके.
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सीओ बोले, हाईवे अथॉरिटी को भी भेजी जाएगी जानकारी
इस पूरे मामले पर अंचल अधिकारी रविराज कुमार ने कहा कि हाईवे किनारे अतिक्रमण और यातायात बाधित होने की जानकारी संबंधित हाईवे अथॉरिटी को भी दी जाएगी.
उन्होंने कहा कि प्रशासन अपने स्तर पर भी समस्या के समाधान की दिशा में प्रयास करेगा ताकि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके और आम लोगों को जाम व गंदगी की समस्या से राहत मिल सके.
फिलहाल छातापुर बाजार में सबसे बड़ी चुनौती यही है कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ मीट और मछली कारोबारियों के लिए स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित करे. तभी हाईवे पर यातायात सुचारु हो सकेगा और स्थानीय लोगों को बदबू तथा जाम जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी.
