पिपरा (सुपौल) से विनोद कुमार गुप्ता की रिपोर्ट. मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध संकट के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और उनकी कीमतों पर पड़ रहे असर को देखते हुए पिपरा में एक अनूठी पहल की गई है. प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से पेट्रोलियम पदार्थों के सीमित व विवेकपूर्ण उपयोग की अपील के बाद, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पिपरा की टीम ने पैदल मार्च निकालकर समाज को एक बड़ा संदेश दिया.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में निकला मार्च
यह पैदल मार्च सीएचसी पिपरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार चंद्रा के नेतृत्व में निकाला गया. इसमें अस्पताल के कई चिकित्सक, एएनएम (ANM) और स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए. पूरी टीम ने खुद पैदल चलकर लोगों को वाहनों का उपयोग कम करने और पेट्रोल-डीजल की मितव्ययता (बचत) अपनाने के लिए प्रेरित किया.
पैदल मार्च के साथ स्वास्थ्य जागरूकता: कन्या मध्य विद्यालय में एचपीवी टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग की यह टीम पैदल मार्च करते हुए पिपरा स्थित कन्या मध्य विद्यालय पहुंची. यहाँ ईंधन की बचत के संदेश के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान को भी अंजाम दिया गया:
- एचपीवी टीकाकरण: विद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान चलाया गया.
- जागरूकता: डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्राओं के साथ-साथ वहां मौजूद अभिभावकों को भी एचपीवी टीके के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
पर्यावरण और स्वास्थ्य का सामूहिक संदेश
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार चंद्रा ने कहा कि इस मार्च के माध्यम से टीम ने त्रिकोणीय संदेश देने का प्रयास किया है—पहला ईंधन की बचत, दूसरा पर्यावरण संरक्षण और तीसरा बेहतर स्वास्थ्य के लिए पैदल चलने की आदत. स्वास्थ्य विभाग की इस अनूठी पहल की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है.
