– जिला परिषद सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में 17 चार्ज के अधिकारी व कर्मी हुए शामिल – जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक सुपौल. भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) को लेकर शनिवार को सुपौल में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. जिला परिषद सुपौल के सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी सावन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों एवं नगर निकायों के कुल 17 चार्ज से अपर चार्ज जनगणना अधिकारी, जनगणना कार्य में संलग्न लिपिक एवं शिक्षक, आईटी सहायक तथा कार्यपालक सहायकों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य के सभी तकनीकी, सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी सावन कुमार ने जनगणना कार्य की समयबद्धता और आंकड़ों की सटीकता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से जुड़े प्रत्येक पहलू को गंभीरता से समझने और उसकी सही जानकारी प्राप्त करने पर बल दिया. पहली बार डिजिटल मोड में होगी जनगणना जिलाधिकारी ने बताया कि भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना डिजिटल मोड में की जाएगी. इसके तहत प्रगणक घर-घर जाकर एंड्रॉयड मोबाइल के माध्यम से डेटा संग्रह करेंगे. इस कारण प्रशिक्षण कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया है. जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा. इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की गणना एवं मकान सूचीकरण का कार्य करेंगे. प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक, एनईपी, डीआरडीए, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह अपर जिला जनगणना अधिकारी व जिला जनगणना कोषांग के सभी कर्मी उपस्थित रहे. यह प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय से आए प्रशिक्षक रमेश कुमार पाठक एवं अनिल कुमार द्वारा दिया जा रहा है. यह प्रशिक्षण 14 मार्च से 16 मार्च 2026 तक चलेगा. इसके बाद 17 मार्च से 19 मार्च 2026 तक जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों के लिए अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया.
जनगणना 2027 : तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ
जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक
