Nepal Border Rules : हाल के दिनों में नेपाल के मधेश क्षेत्र में हुई हिंसक झड़पों के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं. इन घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई और कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन, आगजनी, तोड़फोड़ तथा कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रही. सुनसरी समेत कई जिलों में हालात को नियंत्रित करने के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना को मोर्चा संभालना पड़ा. स्थिति को सामान्य करने के लिए नेपाल सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों को भी प्रभावित क्षेत्रों में कैंप करना पड़ा.
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
नेपाल की घटनाओं के बाद सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) लगातार सीमा पर निगरानी रख रहे हैं. अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
अब केवल पहचान पत्र नहीं, बायोमैट्रिक स्क्रीनिंग भी जरूरी
पहले नेपाल जाने वाले लोग आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र मोबाइल पर दिखाकर भी सीमा पार कर लेते थे, लेकिन अब प्रक्रिया बदल गई है. नेपाल जाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को बायोमैट्रिक स्क्रीनिंग से गुजरना होगा. इसके साथ आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र जैसे वैध पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. यह नियम बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित सभी यात्रियों पर समान रूप से लागू किया गया है.
भीमनगर बॉर्डर पर बढ़ी भीड़, लोगों ने बताई परेशानी
सोमवार शाम भीमनगर एसएसबी चेक पोस्ट पर नेपाल आने-जाने वाले लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. यात्रियों का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग स्क्रीनिंग होने से सीमा पार करने में पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है. स्थानीय लोगों ने भीमनगर बॉर्डर पर एसएसबी के संसाधनों और कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की है, ताकि जांच प्रक्रिया तेज हो और यात्रियों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े.
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया जरूरी कदम
एसएसबी का कहना है कि बदली हुई सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य सीमा की सुरक्षा को मजबूत करना और दोनों देशों के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. अधिकारियों के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कड़ी जांच और पहचान सत्यापन आवश्यक है तथा फिलहाल यह व्यवस्था आगे भी जारी रह सकती है.
