मुस्लिम समुदाय ने आतंकी हमले के खिलाफ निकाला कैंडल मार्च, एकता और अमन का दिया संदेश
थाना रोड से संध्या नमाज के बाद शुरू हुआ यह मार्च पूरे शहर में एकता और शांति का संदेश फैलाते हुए गांधी पार्क पर जाकर संपन्न हुआ
त्रिवेणीगंज. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हाल ही में हुए आतंकी हमले के खिलाफ मंगलवार देर संध्या त्रिवेणीगंज बाजार में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर कैंडल मार्च निकाला. जामा मस्जिद, थाना रोड से संध्या नमाज के बाद शुरू हुआ यह मार्च पूरे शहर में एकता और शांति का संदेश फैलाते हुए गांधी पार्क पर जाकर संपन्न हुआ. कैंडल मार्च थाना रोड, दुर्गा मंदिर, एनएच 327 ई, पुरानी बैंक चौक और मेला ग्राउंड से होते हुए गुजरा. गांधी पार्क पहुंचकर उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश में शांति व सौहार्द की कामना की. मार्च के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद और आतंकवाद हाय-हाय जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा. युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने हाथों में जलती मोमबत्तियां और नारे लिखी तख्तियां लेकर आतंकवाद के खिलाफ एकता का परिचय दिया. मार्च का नेतृत्व कर रहे मो जहांगीर ने कहा, आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता. जो निर्दोषों की हत्या करते हैं, वे इंसान नहीं हो सकते. हमें आतंक के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा. वहीं मो सनाउल्लाह ने कहा, इस्लाम अमन और भाईचारे का प्रतीक है. जो आतंक फैलाते हैं, वे इस्लाम के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते. हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं. युवा जावेद अख्तर ने सरकार से आतंकियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग की. वहीं मो हम्माद ने कहा, देश में जाति-धर्म का जो ज़हर फैलाया जा रहा है, उसे हम सब मिलकर समाप्त करना चाहते हैं. अगर सरकार इजाजत दे, तो हम मुसलमान सरहद पर जाकर पाकिस्तान से खून का बदला खून से लेने के लिए तैयार हैं. इस अवसर पर मो जमील, मो गैयास, मो रिजवान, मो समीम, मो समसाद, मो फारुख, मो इदरीस और मो आसिफ सहित अन्य लोग मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
