कई नदी पर पुल की दरकार, सरकार की लापरवाही से हादसे का शिकार हो रहे लोग : सांसद

रेलवे, हवाई अड्डा एवं चौडी सड़कों का निर्माण कराया गया है.

छातापुर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव विजयादशमी के दिन गुरुवार को प्रखंड के चकला गांव पहुंचे. श्री यादव ने नाव हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं के परिजनों से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया. सभी पीड़ित परिवार को 10 हजार रुपए की तत्काल आर्थिक मदद दी और बेटियों की शादी के लिए 25- 25 हजार रूपए की राशि बैंक में फिक्स करने का भरोसा दिलाया. साथ ही 12वीं पास करने वाले एक एक सदस्य को नौकरी दिलाने का भी आश्वासन दिया. शोकाकुल परिजनों से कुशल क्षेम पूछने के दौरान आंसू पोंछते सांसद श्री यादव बेहद भावुक नजर आ रहे थे. उन्होंने कहा कि नदी पर यदि पुल होता तो एक साथ पांच महिलाएं असामयिक मौत की शिकार नहीं होती. इस घटना के बाद छोटे छोटे बच्चों के सिर से मां की ममता छीन गई. कई जगहों पर पुल की दरकार है. परंतु सरकार की बेपरवाही से लोग बड़े हादसे का शिकार हो रहे हैं. कहा कि जरूरी स्थानों पर सरकार ना तो नाव उपलब्ध कराती है और ना ही नाविकों को पारिश्रमिक देती है. डबल इंजन की सरकार से सवाल है कि आखिर यह मौत का सिलसिला कबतक जारी रहेगा. प्रत्येक वर्ष बाढ़ग्रस्त रहने वाले कोशी सीमांचल के इलाके को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित नहीं किया गया है. आने वाले चुनाव में आमजनता इसका जबाब जरूर देगी. श्री यादव ने सरकार से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 20-20 लाख रूपए का मुआवजा देने की मांग की. सांसद ने कहा कि कोशी सीमांचल के चहुंमूखी विकास के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं. रेलवे, हवाई अड्डा एवं चौडी सड़कों का निर्माण कराया गया है. सुपौल से गलगलिया तक रेलवे लाइन सांसद रंजीत रंजन की देन है. कहा कि कुरसेला से भीमनगर भाया बिहारीगंज, खुर्दा, जदिया, छातापुर रूट में लोगों को रेलमार्ग की सुविधा उपलब्ध कराने का उन्होंने संकल्प लिया है. लिहाजा कुरसेला से बिहारीगंज के बीच रेलवे लाइन का काम शुरू भी हो चुका है. भीमनगर तक का भी सर्वे का काम पूरा कर मंत्रालय को चिट्ठी जा चुकी है. सर्वे के लिए उनके प्रयास से मंत्रालय ने 170 करोड़ की राशि जारी किया. मौके पर सुभाष कुमार यादव, पंकज कुमार यादव, सगमलाल मुखिया, परमेश्वरी यादव, मिन्नतुल्लाह खान, प्रो. सच्चिदानंद यादव, संजय मेहता, रागिनी यादव, प्रदीप बसेदार, रवि कुमार, चन्दन कुमार, रामचंद्र यादव, जयकृष्ण सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, सुनील कुमार, विवेक यादव, जहांगीर आलम, मो. वकील, जफरुल हौदा, सुशील कुमार यादव, प्रमोद कुमार यादव, शमशाद खा, राजीव कुमार, संजय यादव, प्रिंस कुमार आदि थे.

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