कोसी में टला बड़ा हादसा: यात्रियों से भरी नाव अनियंत्रित होकर डूबी, पांच महिलाएं घायल

मूंग तोड़ने व घास काटने जा रहे 20-25 लोगों से भरी नाव हादसे का शिकार

– 36.40 स्पर के पास नदी में बिगड़ा नाव का संतुलन

– प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा, सभी 15 लोग सुरक्षित

– 5 महिलाओं की हालत गंभीर, बाल-बाल बचे दर्जनों ग्रामीण

– मूंग तोड़ने व घास काटने जा रहे 20-25 लोगों से भरी नाव हादसे का शिकार

– प्रशासन और एनडीआरएफ ने चलाया सर्च अभियान

सरायगढ़.

कोसी नदी के किनारे मंगलवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सरायगढ़-भपटियाही अंचल क्षेत्र के 36.40 स्पर के निकट नाव दुर्घटना की सूचना प्रशासन को मिली. सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, गोताखोरों और आपदा मित्रों की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची. कुछ समय के लिए पूरे इलाके में अनहोनी की आशंका से लोगों की सांसें थम गईं, लेकिन राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी की जान नहीं गई. मौके पर प्रखंड प्रमुख विजय कुमार यादव, बनैनियां पंचायत के मुखिया श्याम कुमार यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

नदी पार करते समय बिगड़ा संतुलन, मच गई चीख-पुकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्वी कोसी तटबंध के बाहर रहने वाले ग्रामीण प्रतिदिन खेती-बाड़ी और पशुओं के लिए चारा लाने नदी पार करते हैं. मंगलवार सुबह करीब नौ बजे एक छोटी नाव पर सवार होकर 20 से 25 महिला, बच्चे और अन्य ग्रामीण मूंग तोड़ने एवं घास काटने के लिए नदी पार कर रहे थे. बताया जाता है कि नाव दूसरे किनारे पर पहुंच चुकी थी और लोग उतरने लगे थे. इसी दौरान नाव असंतुलित होकर अनियंत्रित हो गई, जिससे कई लोग नदी में गिर पड़े. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. अधिकांश लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन पांच महिलाएं और एक बच्ची गहरे पानी में चली गईं तथा अधिक पानी पी लेने से उनकी हालत गंभीर हो गई.

घायलों को किया गया सदर अस्पताल रेफर

घायलों में सरायगढ़ पंचायत की अमेरिका देवी (45), सविता देवी (50) तथा बनैनिया पंचायत की जूही परवीन (10), बीबी सकीना (35) और बीवी नूरजहां (45) शामिल हैं. सभी को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायगढ़-भपटियाही लाया गया, जहां डॉ शहनवाज आलम ने प्राथमिक उपचार किया. गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया गया.

डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा, चला सर्च अभियान

घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी धीरज कुमार, बीडीओ अच्युतानंद, थानाध्यक्ष प्रजेश कुमार दुबे, पुलिस पदाधिकारी बलदेव राम, आपदा मित्र और गोताखोर घटनास्थल पर पहुंच गए. बाद में डीएम सावन कुमार, एसपी शरथ आरएस, एसडीएम मनोहर साह, एसडीपीओ राजीव रंजन, अपर समाहर्ता (आपदा) मो तारिक समेत कई वरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की.

एहतियातन एनडीआरएफ और गोताखोरों द्वारा सर्च अभियान भी चलाया गया, लेकिन कोई अतिरिक्त व्यक्ति नहीं मिला. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति लापता नहीं है और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.

नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों पर होगी कार्रवाई

सीओ धीरज कुमार ने नाविक मो तसलीम से घटना की जानकारी ली. प्रशासन ने कहा कि नाव संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने जैसी शिकायतों की जांच की जाएगी. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित नाविकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी में नाव से आवागमन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना दें. कोसी की तेज धाराओं के बीच हुआ यह हादसा एक बार फिर नदी पार करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, हालांकि इस बार प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की सतर्कता ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया.

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