कोसी नदी के जलस्तर में फिर उतार-चढ़ाव: बराज के 22 फाटक खोले गए

कोसी नदी के जलस्तर में फिर से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. मंगलवार रात स्थिर रहने के बाद बुधवार सुबह जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई, जिसके चलते कोसी बराज के 22 फाटकों को खोल दिया गया है. नदी के तटबंध और स्पर फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं.

मंगलवार की दोपहर से लेकर रात तक जहां नदी का जलस्तर 1.88 लाख क्यूसेक से अधिक पर स्थिर रहा, वहीं बुधवार की सुबह इसमें फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई. जलस्तर के बढ़े हुए दबाव को देखते हुए कोसी बराज के 22 फाटकों को खोल दिया गया है. फिलहाल नदी के दोनों तटबंध और स्पर पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं और जल संसाधन विभाग के अभियंता लगातार कैंप कर रहे हैं.

8 घंटे तक स्थिर रहने के बाद सुबह फिर बढ़ा कोसी का जलस्तर

कोसी बराज पर जलस्तर के आंकड़ों में लगातार बदलाव देखा जा रहा है. मंगलवार की दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक कोसी नदी का जलस्तर 1,88,310 क्यूसेक पर लगातार स्थिर बना रहा. शुरुआती दौर में बढ़ते क्रम में रहने के बाद करीब आठ घंटे तक यह इसी स्थिति में रहा. हालांकि, आधी रात के बाद जलस्तर में थोड़ी कमी आनी शुरू हुई थी, लेकिन बुधवार की सुबह 8:00 बजे नदी के डिस्चार्ज में फिर से उछाल आया और यह बढ़कर 1,76,855 क्यूसेक दर्ज किया गया. स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए बराज के 22 फाटकों को उठा दिया गया है.

बराहक्षेत्र में डिस्चार्ज 1 लाख पार, पूर्वी छोर पर जलाई गई लाल बत्ती

नेपाल स्थित कोसी के मुख्य जलग्रहण क्षेत्र बराहक्षेत्र में भी पानी का दबाव बना हुआ है. वहां जलस्तर आंशिक कमी के बाद 1,03,250 क्यूसेक पर स्थिर मापा गया है, जिसमें कभी भी बढ़ोतरी या कमी हो सकती है. जानकारों के मुताबिक, बराहक्षेत्र का जलस्तर जब 1 लाख क्यूसेक से ऊपर और बराज का जलस्तर 1.5 लाख क्यूसेक से अधिक हो जाए, तो इसे सामान्य नहीं माना जाता. जलस्तर डेढ़ लाख पार होते ही कोसी बराज के पूर्वी छोड़ पर सुरक्षात्मक प्रोटोकॉल के तहत लाल बत्ती जला दी गई है और खतरे के संकेत के रूप में लाल व सफेद पट्टी का झंडा लगा दिया गया है.

तटबंध और स्पर सुरक्षित, अभियंताओं की टीम कर रही है सतत निगरानी

नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज धारा के बावजूद बाढ़ नियंत्रण कक्ष से राहत भरी खबर सामने आई है. विभाग के अनुसार, वर्तमान में कोसी नदी के दोनों मुख्य तटबंध और उन पर बने सभी स्पर (गाइड बांध) पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत स्थिति में हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की टीम चौबीसों घंटे तटबंधों पर सतत निगरानी और चौकसी बरत रही है.


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By Prabhat khabar news desk

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