वीरपुर (सुपौल). बसंतपुर प्रखंड अंतर्गत भीमनगर वार्ड-10 निवासी अंकित कुमार ने UPSC की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है. उन्होंने परीक्षा में 185वीं रैंक प्राप्त की है. इसके साथ ही उनका चयन सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ है. अंकित की सफलता की खबर मिलते ही परिवार और आसपास के लोगों में खुशी का माहौल है.
साधारण परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी सफलता
अंकित कुमार भीमनगर निवासी रमेश प्रसाद गुप्ता और सुनीता देवी के पुत्र हैं. उनके पिता भीमनगर में कपड़े की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद अंकित ने पढ़ाई के प्रति गंभीरता बनाए रखी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगातार मेहनत करते रहे. उनकी सफलता को परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम बता रहे हैं.
वीरपुर स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई की यात्रा
अंकित ने वर्ष 2016 में राजकीय +2 उच्च विद्यालय, वीरपुर से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद उन्होंने इसी विद्यालय से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में दाखिला लिया, जहां से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. वर्तमान में वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से आगे की पढ़ाई कर रहे हैं.
मेहनत और निरंतर तैयारी बनी सफलता की कुंजी
अंकित की सफलता ने यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के दम पर सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं. CAPF परीक्षा में 185वीं रैंक हासिल करना उनके कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है.
बहन भी प्रतियोगी परीक्षाओं की कर रही तैयारी
अंकित की सफलता से परिवार के अन्य सदस्यों में भी उत्साह है. उनकी बहन सैजल कुमारी भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं. परिवार के लोगों का कहना है कि अंकित की उपलब्धि से घर के साथ-साथ आसपास के युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिली है.
बधाई देने वालों का लगा तांता
अंकित के चयन की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. मां सुनीता देवी, बड़ी मम्मी वीना देवी, भाई राकेश गुप्ता, निरंजन गुप्ता, रंजन गुप्ता, कन्हैया गुप्ता, बहन सैजल कुमारी और पीयूष गुप्ता समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने खुशी जताई.स्थानीय लोगों ने अंकित की सफलता को भीमनगर और पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया. लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है.
