पिपरा में कृषि बिजली सेवा ठप: कटैया ग्रिड की लाइन 6 महीने से खराब, धान रोपाई के समय डीजल पंप के भरोसे किसान

वर्तमान में धान की रोपाई का पीक सीजन चल रहा है, लेकिन बिजली आपूर्ति ठप होने से खेतों की पटवन समय पर नहीं हो पा रही है. इससे खरीफ फसलों की बुआई और रोपाई में भारी देरी हो रही है, जिससे पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसके कारण सरकार के 'हर खेत को बिजली' के दावों की पोल खुल रही है.

वर्तमान में धान की रोपाई का पीक सीजन चल रहा है, लेकिन बिजली आपूर्ति ठप होने से खेतों की पटवन समय पर नहीं हो पा रही है. इससे खरीफ फसलों की बुआई और रोपाई में भारी देरी हो रही है, जिससे पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. स्थानीय किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसके कारण सरकार के 'हर खेत को बिजली' के दावों की पोल खुल रही है.

सरकारी दावों की खुली पोल, डीजल पंप के उपयोग से बढ़ी खेती की लागत

राज्य सरकार कृषि फीडर के माध्यम से किसानों को प्रतिदिन कम से कम 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का दम भरती है, लेकिन केशव नगर के किसान पिछले आधा साल से अंधेरे में हैं. क्षेत्र के पीड़ित किसानों ने बताया कि धान की रोपाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है. बिजली के अभाव में उन्हें मजबूरन महंगे दामों पर डीजल खरीदकर पंपसेट के सहारे खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है. इससे खेती की लागत दोगुनी से ज्यादा बढ़ गई है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों की कमर टूट गई है.

विभागीय उदासीनता से किसानों में आक्रोश, फसलें सूखने की चिंता

स्थानीय ग्रामीणों और किसान वासुदेव शाह, जगदेव साह, सतेंद्र गुप्ता, सियाराम मंडल, कैलाश मंडल, अनिरूद्ध मंडल, सतो मंडल और महिंदर मंडल ने सामूहिक रूप से विभाग के खिलाफ गहरी नाराजगी जाहिर की. किसानों का कहना है कि बिजली संकट की वजह से अगर समय पर पटवन नहीं हुआ, तो उनकी मेहनत की पूंजी और फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी. अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से लाइन दुरुस्त करने की गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर टाल दिया गया.

जल्द ठीक कराई जाएगी कृषि लाइन: कनीय अभियंता

इस गंभीर बिजली संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर जब बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने जल्द काम शुरू होने की बात कही है.

"कटैया पावर ग्रिड से जुड़ी इस कृषि बिजली आपूर्ति लाइन में तकनीकी खराबी आने की जानकारी मिली है. विभागीय तकनीकी टीम को इस समस्या के जल्द से जल्द समाधान के लिए निर्देशित किया जा रहा है. कृषि कार्य को प्राथमिकता देते हुए इस बंद पड़ी लाइन को बहुत जल्द ठीक कराकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी." — विकास कुमार, कनीय अभियंता (JE), कटैया विद्युत प्रमंडल

किसानों की मांग: दूसरी ओर, प्रभावित किसानों का कहना है कि वे अब विभागीय अधिकारियों के खोखले आश्वासनों से थक चुके हैं. रोपाई का समय निकला जा रहा है, इसलिए विभाग को बिना किसी देरी के धरातल पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लाइन को चालू करना चाहिए ताकि किसानों को इस आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी से राहत मिल सके.


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लेखक के बारे में

इंद्रभूषण प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. कटैया निर्मली (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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