सुपौल में एलपीजी संकट से निपटने को प्रशासन सक्रिय, कोयला व वैकल्पिक व्यवस्था शुरू

लाभुकों को जन वितरण प्रणाली दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है

सुपौल. जिला प्रशासन ने रसोई गैस की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं. आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े लाभुकों को जन वितरण प्रणाली दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है. प्रखंड व अनुमंडल स्तर पर अधिकारियों को मांग का आकलन कर आवंटन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही, बिहार राज्य खनन लिमिटेड द्वारा जिले में कोयला आपूर्ति के लिए विक्रेताओं के चयन के लिए आम सूचना जारी की गई है. जिससे वैकल्पिक ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी. वहीं शादी-विवाह, श्राद्ध, मुंडन, उपनयन एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है. इसके लिए कैटरर्स एवं रसोइयों को तेल कंपनियों में पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है. जबकि आयोजनकर्ता को अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा. जिले में वर्तमान में 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 13,272 सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है. 6,612 सिलेंडर और आने की संभावना है. प्रतिदिन औसतन 5,980 उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं. प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >