दारू, शराब नहीं चलेगा
मद्य निषेध अभियान कार्यक्रम के तहत महिला समाख्या ने निकाली रैली
सभा में नारी सुरक्षा को लेकर उठाये गये सवाल
सुपौल : मद्य निषेध अभियान एवं उमड़ते सौ करोड़ कार्यक्रम के तहत रविवार को महिला समाख्या सोसाइटी द्वारा जिला मुख्यालय में जागरूकता रैली निकाली गयी. कई अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया. महिला समाख्या कार्यालय से निकली गयी रैली में शामिल महिलाओं ने महावीर चौक, थाना रोड, गांधी मैदान रोड आदि प्रमुख सड़कों पर भ्रमण किया.
हाथों में विभिन्न स्लोगन लिखी तख्तियां लिये महिलाएं नशा व शराब त्यागने संबंधित नारे भी लगा रही थी़ं इसमें बिहार की नारी करे पुकार- नशा मुक्त हो मेरा बिहार, दारू, शराब नहीं चलेगा-पैसा बचेगा बच्चा पढ़ेगा, जो पियेगा दारू -उसे लगेगा झाड़ू व दारू पीकर झूम रहा है- मौत के आगे घूम रहा है जैसे नारे शामिल थे़ गांधी मैदान में रैली का समापन के बाद सभा का आयोजन भी किया गया़
सभा को संबोधित करते महिला समाख्या की जिला कार्यक्रम समन्वयक मीरा कुमारी ने बताया कि अभियान के तहत महिला समाख्या द्वारा गत 28 जनवरी से सभी प्रखंडों में प्रभात फेरी, मद्य निषेध गीत, समूह बैठक व चर्चा, दिवाल लेखन आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है़ जिसमें समूह की महिलाएं, सीआरपी तथा महिला समाख्या कर्मी शामिल हो कर लोगों को जागरुक कर रहे है़
मौके पर महिलाओं को संकल्प भी दिलाया गया कि वे अपने परिवार व समाज में नशा पर रोक लगायेंगे़ साथ ही घरेलू व सामाजिक हिंसा एवं महिलाओं के शोषण के विरुद्ध आवाज बुलंद करेंगे़ वक्ताओं ने अपने संबोधन में देश में महिला सुरक्षा के संबंध में बोलते हुए कहा कि दुष्कर्म व महिला शोषण की घटनाओं में वृद्धि हुई है़ इससे महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता रहा है़ कहा कि वर्ष 2013 में निर्भया फंड का गठन किया गया, लेकिन उसमें जमा 02 हजार करोड़ ज्यों के त्यों पड़े है़ं महिलाओं ने तत्काल प्रभाव से इस फंड का क्रियान्वयन शुरू करने की सरकार से मांग की.
कहा जस्टिस उषा मेहरा समिति के अनुसार क्राइसिस सेंटर की स्थापना कर वहां चिकित्सीय, पुनर्वास, न्यायिक और काउंसिलिंग की सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि पीड़िता को सर उठा कर व सक्षम हो कर सम्मान से जीने का रास्ता मिले़ उन्होंने कहा कि महिलाओं को पूर्ण सुरक्षा व बेखौफ हो कर जीने की आजादी मिलने तक उनका अभियान जारी रहेगा़ इस अवसर पर जिला साधन सेवी मंजू कुमारी, बेबी कुमारी, कंचन झा, ललिता कुमारी, नूतन कुमारी, कंचन माला, राज कुमारी देवी, किरण देवी, निरंजन देवी, अंजना देवी, कुमारी कोमल, माला मेहता, रीमा देवी, रेखा कुमारी, रंभा देवी, सूरजी देवी, वीणा देवी, ललिता देवी आदि मौजूद थीं.
