अस्पताल में गंदगी देख बिफरे
सिमराही : राघोपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण शनिवार को जिला पदाधिकारी बैद्यनाथ यादव ने किया़ जहां प्रखंड कार्यालय सहित रेफरल अस्पताल, अंचल एवं मनरेगा कार्यालय के निरीक्षण के दौरान अनियमित्ता व व्याप्त गंदगी को देख डीएम श्री यादव ने कड़ी फटकार लगायाी
जानकारी अनुसार जिला पदाधिकारी श्री यादव शनि वार को सिमराही रेफरल अस्पताल पहुंचे़ मौके पर अस्पताल परिसर में फैली गंदगी, मरीज वार्ड में बेड पर बेड सीट का अभाव सहित अन्य खामियां देख अस्पताल प्रबंधन की जमकर क्लास लगायी. साथ ही डीएम ने अस्पताल के विधि व्यबस्था सुधारने के लिए एक सप्ताह का समय दिया़
इसी दौरान डीएम प्रखंड कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने घंटे से अधिक समय रूक कर विभिन्न फाइलों का अवलोकन किया़ साथ ही संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया़ डीएम श्री यादव ने विभिन्न योजना मद् में पड़े राशि का मद के अनुरूप उपयोग करने तथा कार्यालय परिसर को साफ सफाई करने, जर्जर भवन के जगह आम जनताओं को बैठने के लिए शेड ,शौचालय, पेयजल सहित अन्य मूल भूत व्यबस्था उपलब्ध कराने का निर्देश दिय़
वही जनता की समस्या समाधान को लेकर बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ को सप्ताह में एक बार जनता दरबार का आयोजन कर आम लोगो की समस्या सुनने व् उनके त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया़ डीएम ने कहा कि जिला जनता दरबार में गांव घर के लोग छोटे छोटे समस्या को लेकर पंहुचते है़ उक्त समस्या का निदान स्थानीय स्तर पर करा देने से लोगों में प्रशासन के प्रति आत्म विश्वास बढेगा़ साथ ही दूर दराज क्षेत्रों को लोगों को न्याय के लिए लंबी दूरी व समय दोनों का बचत होगा़
महिलाओं को दें प्राथमिकता
निरीक्षण के बाद डीएम ने बताया कि जिले में सभी काम काज को पटरी पर लाने के लिए वे काफी सख्त है़ बताया कि सिमराही रेफरल अस्पताल में रोगियो के बेड पर चादर का अभाव देखा गया़ साथ ही साफ सफाई व अन्य मामलों को लेकर कड़ी चेतावनी दी. बताया कि अनुपस्थित डॉक्टर, नर्स सहित अन्य के ऊपर कार्रवाई की जायेगी़
मौके पर आमजनों से सरकारी कार्यों में सहयोग की अपील किया़ इस मौके पर कॉंग्रेस अध्यक्ष राधा गुप्ता ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सीमा कुमारी के विरोध में आवेदन देकर शिकायत किया कि नव चयनित सेविका को वर्षो से मानदेय नहीं मिला है़ निरीक्षण के दौरान सीडीपीओ द्वारा केंद्र से संबंधित कागजात को जब्त कर लिया जाता है़ साथ ही क्रय पंजी पर पिछले कई माह से संधारण नहीं की है़
वहीं शिकायत करने पर संबंधित सेविका को प्रताड़ित कर तरह तरह का इल्जाम लगा कर चयन मुक्त करने की धमकी देकर भया दोहन करती है़ं शिकायत के आलोक में डीएम ने वाल विकास परियोजना कार्यालय का जायजा लिया़ साथ ही डीपीओ के पास आवेदन को इंडोर्स कर भेज दिया़ मौके पर डीपीओ ने बताया कि आवंटन नहीं रहने के कारण मानदेय का नहीं मिलना बताया़ जवकि शिकायत कर्ता के आरोप को सीडीपीओ ने सिरे से खारिज करते कहा कि किसी भी सेविका के साथ ऐसा बर्ताव उनके द्वारा नहीं किया गया है़
