चोरी की बाइक, एटीएम कार्ड व रुपये भी बरामद
सुपौल : सदर थाना पुलिस ने जिला मुख्यालय स्थित आइटीआइ छात्रावास एवं एक लॉज में छापेमारी कर आठ बदमाशों को दो कट्टा एवं पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है़ गिरफ्तार बदमाशों के पास से करीब एक दर्जन मोबाइल, दो चोरी की बाइक के अलावा एटीएम कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड एवं रुपये बरामद किये गये है़ं इन बदमाशों की हथियार के साथ गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है़
विशेष अभियान के तहत हुई गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष राम इकबाल यादव ने बताया कि सरस्वती पूजा के दौरान विधि व्यवस्था बनाये रखने तथा आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक डाॅ कुमार ऐकले द्वारा टीम गठित कर विशेष छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश प्राप्त हुआ था़ इसी के आलोक में गुरुवार की रात अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर हथियार के साथ आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है़
छापेमारी दल में पुअनि रजनीश कुमार केशरी, सिपाही विनय सिंह, अजीत कुमार, धर्मेंद्र कुमार, दीप नारायण भारती, पिंटू कुमार शामिल थे़ थानाध्यक्ष श्री यादव के अनुसार, कई दिनों से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि पिपरा रोड स्थित अतिथि गृह के समीप राम दास साह के लॉज में कुछ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो रहा है़
सूचना के आधार पर गुरुवार की रात उक्त लॉज में छापेमारी की गयी़ वहां से चोरी की एक अपाचे बाइक एवं तीन मोबाइल के साथ नीतीश कुमार, बौआ कामत एवं किशन कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया़
आइटीआइ छात्रावास से हथियार बरामद
आइटीआइ छात्रावास से पुलिस ने छापेमारी कर पांच अपराधियों को दो कट्टा एवं पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार किया. थानाध्यक्ष ने बताया कि देर रात सूचना मिली कि आइटीआइ छात्रावास के कमरा नंबर एक व 26 में कुछ अपराधी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. सूचना के बाद छात्रावास में छापेमारी की गयी़, जहां से अंतर जिला गिरोह के सदस्य राजीव कुमार, त्रिभुवन कुमार, संतोष कुमार पोद्दार, नंदन कुमार एवं राजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया़ इन लोगों के पास से हथियार के अलावा लूटा गयी एटीएम कार्ड, स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड एवं रुपये भी बरामद किये गये हैं.
छात्रावास पर है अपराधियों का कब्जा
जिला मुख्यालय स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्रावास पर अपराधी व असामाजिक तत्वों का कब्जा है़ थानाध्यक्ष श्री यादव ने बताया कि छापेमारी में गिरफ्तार सभी बदमाश अवैध रूप से छात्रावास में रह रहे थे़ जांच के दौरान ज्ञात हुआ कि कई ऐसे लोग इस छात्रावास के कमरे पर अपना आधिपत्य जमाये हुए हैं, जो कभी यहां के छात्र भी नहीं रहे़ इनका कई बड़े अपराधियों के साथ संपर्क है़ पूछताछ के आधार पर ऐसे तत्वों पर नजर रखी जा रही है़
