पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज

पीड़ित पक्ष के आवेदन पर अस्पताल प्रभारी सहित अन्य पर भी प्राथमिकी बुधवार को सिविल सर्जन रामेश्वर साफी अन्य पदािधकारियों ने पीएचसी पहुंचकर ली घटना की जानकारी एसडीओ ने कहा कि आदेश न मानने वाले कर्मियों पर नो वर्क नो पे का फार्मूला लागू किया जायेगा प्रतापगंज : पीएचसी प्रबंधन की लापरवाही से प्रसूता आरती […]

पीड़ित पक्ष के आवेदन पर अस्पताल प्रभारी सहित अन्य पर भी प्राथमिकी

बुधवार को सिविल सर्जन रामेश्वर साफी अन्य पदािधकारियों ने पीएचसी पहुंचकर ली घटना की जानकारी
एसडीओ ने कहा कि आदेश न मानने वाले कर्मियों पर नो वर्क नो पे का फार्मूला लागू किया जायेगा
प्रतापगंज : पीएचसी प्रबंधन की लापरवाही से प्रसूता आरती की मौत पर ग्रामीणों द्वारा हंगामा किये जाने के मामले में अस्पताल कर्मियों ने बुधवार को कार्य ठप कर दिया. घटना के मद्देनजर पीएचसी प्रभारी ने स्थानीय थाना में पांच लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है. इस खबर की भनक मिलते ही प्रखंड क्षेत्र के लोगों व जन प्रतिनिधि आक्रोशित हो गये. जन प्रतिनिधियों ने बताया कि मंगलवार को हुई बैठक में पीएचसी प्रभारी ने स्वीकारा था कि एएनएम की लापरवाही के कारण इस तरह की घटना हुई थी. इसे लेकर एएनएम को तत्काल प्रसव कार्य से हटाया जा रहा है.
मामले को लेकर प्रभारी डाॅ हरेंद्र साहू ने संबंधित आदेश पत्र भी जन प्रतिनिधियों के समक्ष रखा था. समझौता वार्ता के समय स्थानीय प्रशासन भी मौजूद था. अब सवाल उठता है कि रात भर में क्या खिचड़ी पकी कि प्रभारी डाॅ साहू को प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया पर विवश
होना पड़ा.
बुधवार को सिविल सर्जन रामेश्वर साफी व जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी पंकज झा पीएचसी पहुंचे. उन्होंने घटना की जानकारी ली. साथ ही कर्मियों को आश्वत भी कराया कि उक्त मामले के दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. साथ ही सभी कर्मियों को मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्य पर लौटने का अनुरोध किया. यहां तक कि एसडीओ वीरपुर अरुण कुमार सिंह, बीडीओ अनिल कुमार, थानाध्यक्ष रवि शंकर कुमार ने भी अस्पताल पहुंच कर कर्मियों को भरोसा दिलाया कि मारपीट की घटना में शामिल दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया गया है.
वे सभी अपने-अपने कार्य पर लौट जायें. कर्मियों के अड़ियल रवैये को देख एसडीओ श्री सिंह ने कहा कि उनके आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले कर्मियों पर नो वर्क नो पे का फार्मूला लागू किया जायेगा. इधर मृत आरती के पति तरुण नायक उर्फ मन्नू नायक ने स्थानीय थाना को आवेदन देकर बताया है कि उनकी पत्नी आरती देवी की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेवार है. श्री नायक ने पीएचसी प्रभारी डाॅ हरेंद्र साहू सहित ड्यूटी पर तैनात एक चिकित्सक व प्रसव कर्मी के विरुद्ध पत्नी की मौत का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >