आमान परिवर्तन में शिथिलता बरते जाने से आक्रोश
सुपौल : सहरसा-फारबिसगंज रेल खंड में जारी आमान परिवर्तन कार्य के प्रति केंद्र सरकार एवं रेल प्रशासन के उदासीन रवैये के विरोध में बुधवार को भाकपा द्वारा स्थानीय स्टेशन परिसर में दो दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया.रघुनंदन पासवान की अध्यक्षता में आयोजित धरना को संबोधित करते हुए पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य ओम प्रकाश नारायण ने कहा कि भारत सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैये के कारण कोसी व सुपौल बिहार का सबसे अधिक पिछड़ा इलाका है.
इस क्षेत्र को अब तक उसका वाजिब हक नहीं मिला है.कहा कि वर्ष 2003 में सहरसा-फारबिसगंज रेल खंड में आमान परिवर्तन की आधार शिला रखी गयी थी.लेकिन 12 वर्ष बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया है. छोटी रेल लाइन अब म्यूजियम की वस्तु हो गयी है.बावजूद इस इलाके में छोटी लाइन की ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है.
राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह युवा नेता प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि कोसी क्षेत्र से रेल विभाग को काफी राजस्व की प्राप्ति होती है.बावजूद यहां के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.कहा कि ललित नारायण मिश्र के सपनों को कुचल दिया गया.उनके बाद किसी भी रेल मंत्रियों ने इस इलाके की सुधि नहीं ली.जिला मंत्री सुरेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि पार्टी ने इस समस्या को चुनौती के रूप में लिया है.
आमान परिवर्तन का कार्य शीघ्र पूरा नहीं हुआ तो पार्टी उग्र संघर्ष का रास्ता अख्तियार करेगी.इस अवसर पर गजेंद्र सिंह, विजय कुमार यादव, गिरिजानंद प्रसाद गुप्ता, वीरेंद्र राउत, मो अयूब, मो फिरोज, प्रो ललन कुमार मंडल, भागवत मंडल, मो मन्नान, चंद्रदेव मंडल, शंभु क्रांति, जगन्नाथ मेहता, सुधीर मंडल, कृत्यानंद रजक, मो मजीद, रामरूप मंडल, शंकर कुमार, माले नेता अरविंद शर्मा आदि उपस्थित थे.
